बढ़ सकती है गाइडों की संख्या, गाइडों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जिप्सी की भी बढ़ेगी संख्या, स्थानीय लोगों से अपनी जिप्सी दुधवा में लगाने की अपील
पर्यटकों की सुरक्षा और साफ सफाई पर रहेगा खास जोर
उत्तर प्रदेश का इकलौता दुधवा नेशनल पार्क 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खुल जाएगा। पर्यटकों के स्वागत और भ्रमण कराने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार कई बदलावों के साथ नवीन सत्र का आगाज हो रहा है। नवीन सत्र में सैलानियों की सुविधाओं को देखते हुए गाइडों को और प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही इनकी संख्या भी बढ़ सकती है। गाइड बनने की इच्छा वालों को पार्क प्रशासन का आमंत्रण दिया है। इस बार पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना के चलते पार्क प्रशासन जिप्सी की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
दुधवा नेशनल पार्क का नवीन पर्यटन सत्र 15 नवंबर को शुरू होना है और इसके लिए पार्क प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। इस बार सत्र कुछ और बदलावों के साथ शुरू होगा। इसमें गाइडों को और प्रशिक्षित करने की तैयारियां चल रहीं हैं यह प्रशिक्षण नौ और दस नवंबर को होगा। जिसमें गाइडों के लिए नए इच्छुक लोगों को भी तरजीह दी जाएगी। इससे गाइडों की तादाद बढ़ने की पूरी उम्मीद है तो वहीं जिप्सी की भी तादाद बढ़ सकती है।
डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने दुधवा के आसपास के स्थानीय जिप्सी धारकों को उनके वाहन दुधवा में अटैच करने के लिए आमंत्रण दिया है। उनके मुताबिक पार्क प्रशासन की स्थानीय लोगों को फायदा पहुंचाने की नीयत हमेशा से रही है और इसी के चलते यह आमंत्रण दिया गया है। उन्होंने बताया कि टैक्सी परमिट करा कर आसपास के स्थानीय जिप्सी धारक दुधवा में उसे अटैच करा सकते हैं। फिलहाल तैयारियां जोरों पर हैं साफ सफाई और रंगरोगन का कार्य जारी है।
पर्यटकों और पर्यावरण की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नए पर्यटन सत्र में पार्क प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। गेट से लेकर पर्यटक आवास तक कई चेक पोस्ट बनाए जा रहे हैं। आईडी देखने के बाद ही पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क में प्रवेश दिया जाएगा। पर्यटकों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पार्क के अंदर पॉलिथीन की थैलियां ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जंगल भ्रमण के दौरान कूड़ा कचरा पर्यटकों को जिप्सी में मौजूद डस्टबिन में ही डालनी होगी। इसकी जिम्मेदारी गाइडों और जिप्सी चालकों को दी गई है।
एफडी आवास का भी जीर्णोद्धार
दुधवा में बने एफडी आवास का जीर्णोद्धार कार्य तेजी से चल रहा है जल्द ही इसे मुकम्मल कर लिया जाएगा। इसमें तमाम श्रमिक जुटे हुए हैं।
दुधवा ऑनलाइन, अन्य रेंजों के रेस्ट हाउस पार्क प्रशासन की देखरेख में
दुधवा नेशनल पार्क कैंपस के सभी हटों आदि की आन लाइन बुकिंग यूपी इकोटूरिज्म के माध्यम से होगी। बुकिंग के लिए बेबसाइट यूपी यूको टूरिज्म डॉट इन होगी। इसमें डारमेट्री, 14 थारूहट और सठियाना के थारूहट शामिल होंगे। इसमें एडवांस बुकिंग शुरू भी हो चुकी है। बनकटीए सठियाना, सोनारीपुर के रेस्ट हाउसों की बुकिंग पार्क प्रशासन के पास होगी।
बर्ड फ्लू से लड़ने के लिए दुधवा पार्क प्रशासन तैयार
एसएसबी, पशुचिकित्सकों और पार्क अधिकारियों कर्मियों की बैठक
दुधवा में आयोजित कार्यशाला में कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और दुधवा टाईगर रिजर्व के तत्वावधान में दुधवा कैंपस में एक बैठक और कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसबी के चिकित्सकों, दुधवा और आसपास के पशु चिकित्सकों समेत दुधवा के अधिकारियों और कर्मियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बर्ड फ्लू की संभावनाओं के चलते इससे निपटने और रोकने के उपायों पर विचार विमर्श के साथ कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया।
दुधवा कैंपस सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें एसएसबी के चीफ पशु चिकित्साधिकारी, डीडी महावीर कौजलगि, बेलरायां वार्डन एनके उपाध्याय, दुधवा वार्डन एमके श्रीवास्तव, किशनपुर वार्डन कल्पनाथ गौतम समेत रेंजर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि अचानक से यदि बर्ड फ्लू की घोषणा हो जाए तो उसे रोका जा सके। इससे निपटने और रोकने उपायों पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मियों प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में सैंपलिंग और सूचना आदान प्रदान आदि की जानकारी दी गई। डिप्टी डायरेक्टर दुधवा नेशनल पार्क श्री कौजलगि ने बताया कि बर्ड फ्लू की आशंका के चलते इस बैठक का आयोजन किया गया है। ताकि अचानक में जब इसका एलान हो तो दुधवा प्रशासन इससे निपटने और रोकने के लिए तैयार रहे। उन्होंने बताया कि इन दिनों विदेशी पक्षियों का आने का समय है और वह भी इसे यहां ला सकते हैं ऐसे में जरुरी है कि हम सतर्क रहें। सीमा पर भी सतर्कता हो सके।