गोला गोकर्णनाथ। तिकुनिया हिंसा के गवाह और भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह पर मंगलवार रात हुए जानलेवा हमले की घटना के बाद पुलिस एवं जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर पहुंची लखनऊ की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट पर घटना की विस्तृत पड़ताल की और मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
देर शाम एसपी को सौंपी गई बैलिस्टिक रिपोर्ट में कहा गया है कि खड़ी कार पर गोलियां चलाई गईं थी। शीशे पर चलाई गईं गोलियां भी रिपोर्ट में लिखाए गए तथ्यों के विपरीत पाई गईं। रिपोर्ट में दर्ज कराया गया था गोली ड्राइवर साइड से चलाई गई, जबकि गोलियां दोनों साइड से चलाई गई थीं।
रहीम नगर ग्रंट अपने घर जाते समय तिकुनिया कांड के गवाह दिलबाग सिंह पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर जानलेवा हमला किया था। प्रथम दृष्टया जांच एवं मौका मुआयना कर एसपी संजीव सुमन ने घटना को संदिग्ध बताया है। दिलबाग सिंह और उनके साथी जितेंद्र कुमार और विपिन कुमार के बयानों में विरोधाभास की भी बात कही है।
बृहस्पतिवार को लखनऊ से आई बैलिस्टिक और फॉरेंसिक टीम की निगरानी में दिलबाग सिंह की कार को घटनास्थल पर ले जाया गया। जहां दिलबाग सिंह के बयान अनुरूप घटना को रीक्रिएट किया गया। जांच एजेंसी टीमें घटनास्थल के निकट दिलबाग सिंह के बयान दर्ज करने तक हर पहलू की बारीकी से जांच कर वापस लौट गई।
कोर्ट में बयान दर्ज, दिलबाग को मिलेगा दूसरा गनर - एसपी संजीव ने बताया कि तिकुनियां हिंसा के गवाह दिलबाग सिंह के दोनों साथी विपिन और जितेंद्र के कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी। वहीं, एसपी ने बताया कि दिलबाग सिंह को दूसरा गनर मुहैया कराया गया है।
लखनऊ से आई जांच टीमों ने हर पहलू की बारीकी से जांच की है। दिलबाग सिंह और उनके साथियों के बयान दर्ज किए गए हैं। घटना की विवेचना अलीगंज चौकी इंचार्ज सतीश चंद्र यादव को दी गई है।
राजेश, क्षेत्राधिकारी