लखीमपुर/मितौली। नए भवन में तहसील के कार्य संचालित होने लगे, लेकिन अभी तक सरकारी तौर पर यह भवन हैंडओवर नहीं हो सका। सूत्रों के माने तो भवन निर्माण में काफी खामियां है, जिसके चलते तहसील प्रशासन ने उसको हैंडओवर में नहीं लिया है।
मितौली तहसील के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य एक दिसंबर, 2016 को शुरू हुआ था, जिसमें 5.65 करोड़ रुपये खर्च हुए। समय पर कार्य पूरा न होने से निर्माण लागत हर साल बढ़ती गई। निर्धारित एस्टीमेट के अनुसार कार्य पूरा न होने पर शासन से अतिरिक्त बजट की मांग की गई। साल 2021 में अतिरिक्त बजट भी जारी किया गया।
बताते हैं कि बजट रिवाइज होने के बाद भी फंड समय से नहीं मिला। इससे समय पर कार्य पूरा न होने के कारण निर्माण की लागत में करीब 1.35 करोड़ रुपये की वृद्धि हो गई। वर्ष 2022 में निर्माण कर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित था। बावजूद कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड सीतापुर की लापरवाही जारी रही।
सितंबर, 2023 में ब्लॉक परिसर व बीआरसी में संचालित हो रही तहसील को बिना बिल्डिंग हैंडओवर के नई बिल्डिंग में संचालित किया जाने लगा है। तहसील में कार्य पूर्ण हो चुका है उनमें भी काफी कमियां है। इसके चलते अधिकारियों से लेकर आने वाले फरियादियों को दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील प्रशासन ने कई बार उच्चाधिकारियों को तहसील निर्माण के अधूरे पड़े कार्यों व कार्यों में गुणवत्ता की कमी की रिपोर्ट भेजी है, लेकिन कार्यदाई संस्था की लापरवाही जारी रही।
एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने बताया कि कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर करने का दावा कई बार किया जा चुका है, लेकिन तहसील में निर्माण कार्य मानक व शासन के अनुरूप नहीं हुए है। अभी भी कुछ कार्य अधूरे पड़े हुए है। पत्राचार के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जैसे ही कार्य मानक व शासन के अनुरूप पूर्ण होंगे तब तहसील भवन हैंडओवर में ले लिया जाएगा।