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स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू होते ही शिक्षकों ने पकड़ी आंदोलन की राह

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मांगों के निदान के लिए अब आरपार की लड़ाई का किया एलान
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21 सूत्री मांगों के लिए शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक एक मंच पर आए
लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में करीब डेढ़ साल बाद स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू होते ही शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन फिर शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर एक छत के नीचे कार्य करने वाले जिले में कार्यरत समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। शिक्षकों ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जिले की समस्त बीआरसी पर धरना-प्रदर्शन किया। बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा है कि स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित नहीं होने देंगे, जिसके लिए पहले ही सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
सदर ब्लॉक के अध्यक्ष रजनीश वर्मा एवं मंत्री आलोक मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षक छाउछ स्थित बीआरसी पर धरने में शामिल हुए। ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश वर्मा ने कहा कि वक्त की मांग है कि हमें एकजुट होकर अपने हक के लिए संघर्ष करना होगा। हमें अब आरपार की लड़ाई लड़ना है, जिसके लिए तैयार रहना होगा।
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जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की अनर्गल नीतियों से शिक्षक ही नहीं अन्य कर्मचारी भी परेशान है। सरकार को हमारी मांगे माननी होंगी, इसके लिए हमें जमीन पर उतरकर संघर्ष करना होगा। जिला मंत्री मनोज शुक्ला, ब्लॉक मंत्री आलोक मिश्रा, रसोइया संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश कश्यप, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र पुष्कर, शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह, अनुदेशक संघ के अध्यक्ष धीरज वर्मा, अजय मिश्रा ने भी धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन संजय वर्मा ने किया।
गोला गोकर्णनाथ। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आशुतोष गिरि और मंत्री विपिन कुमार वर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीआरसी पर धरना प्रदर्शन किया। 21 सूत्रीय मांगों पर जल्द विचार करने की मांग की गई।
धौरहरा। बीआरसी धौरहरा, ईसानगर के खमरिया व रमियाबेहड़ में शिक्षक संघ के अध्यक्ष व मंत्री की अगुवाई में धरना प्रदर्शन किया गया। धौरहरा में बीआरसी पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार धौरहरा को सौंपा।
मोहम्मदी। उत्तर प्रदेश ब्लाक शिक्षक संघ इकाई के नेतृत्व में बीआरसी पर शिक्षकों, शिक्षामित्रों अनुदेशकों, रसोइयों ने एक दिन का सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर एक मांग पत्र मुख्य सचिव को संबोधित खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार सिंह को सौंपा।
पलियाकलां। बीआरसी पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले भारी संख्या में एकत्र हुए शिक्षकों ने धरना दिया। उन्होंने बीईओ को 21 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
यह हैं प्रमुख मांगे
पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा, उपार्जित एवं द्वितीय शनिवार को अवकाश। बच्चों के लिए फर्नीचर, बिजली, शुद्ध पानी और स्कूल की चहारदीवारी की मांग। प्रति स्कूल प्रधानाध्यापक और कक्षावार अध्यापक, लिपिक, चतुर्थ कर्मचारी एवं चौकीदार की नियुक्ति। अंत: एवं अंतर जनपदीय स्थानांतरण, पदोन्नति, संविलयन व्यवस्था निरस्त करने, वेतन विसंगति दूर करने, प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग। शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षकों, रसोइयों को स्थाई करने, आंगनबाड़ी सहायिका, रसोइयों का मानदेय प्रतिमाह 10 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 15 हजार देने की मांग। परिवार नियोजन प्रोत्साहन एवं नगर प्रतिकर भत्ते की बहाली, महंगाई भत्ते का एरियर भुगतान, सामूहिक बीमा 10 लाख करने, वार्षिक प्रविष्ट शासनादेश एवं अधिकरण विधेयक को वापस लेने, मृतक आश्रितों को टीईटी से मुक्ति, ग्रेच्युटी देने, कोरोना और निर्वाचन के दौरान मृतक कर्मचारियों के परिवार को एक करोड़ रुपये के अलावा उनके आश्रितों को नौकरी देने की मांग शामिल है।
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इन संगठनों ने दिया समर्थन
प्राथमिक शिक्षक संघ के धरना-प्रदर्शन को कई अन्य संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इनमें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संघ, रसोइया संघ, शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ, कंप्यूटर आपरेटर एवं लेखाकार एसोसिएशन शामिल है।
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