तालाब पोखर सूखे, भूगर्भ जल का स्तर गिरा
कड़ी धूप और भीषण गर्मी से पूरा जिला बिलबिला उठा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ गर्म पछुआ हवाओं का दौर शुरू हो गया है। उदय होने के साथ ही सूरज ने तपना शुरू कर दिया। दस बजते-बजते आसमान से आग बरसने लगी। कुछ ही देर में सड़कें और इमारतें तपने लगीं। इस बीच चल रही गर्म पछ़ुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल करके रख दिया।
शनिवार को अधिकतम तापमान 39.00 और न्यूनतम तापमान 23.00 सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान पिछले तीन-चार दिनों की अपेक्षा कुछ कम है। तापमान में इस मामूली गिरावट से भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिल पाई है। दिन में चलने वाली लू शाम को शीतलता का अहसास जरूर कराती है।
बच्चे सुबह तो किसी तरह स्कूल चले जाते हैं लेकिन दोपहर को स्कूल से लौटते समय कड़ी चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। गर्म पछ़ुआ हवा के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। तीन दिन पहले तक आसमान में तैरते छिटपुट बादल भी अब नजर नहीं आ रहे हैं। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है लेकिन आम लोगों में मायूसी है।
कड़ी धूप के चलते अप्रैल में तालाब पोखरों का पानी सूख गया है। नदियों में पानी कम हो गया है। पशु पक्षी प्यास से व्याकुल हो रहे हैं। बेहजम, मितौली, पसगवां और मोहम्मदी समेत कई ब्लाकों में भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे चला गया है। पंपिंग सेट पानी नहीं उठा पा रहे हैं। इससे किसानों को फसल सिंचाई में काफी दिक्कत हो रही है।