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बिना टिप्पणी खारिज की सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी

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सुमित जायसवाल
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तिकुनिया मामले में क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित की बुधवार को हुई कोर्ट में सुनवाई
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया मामले में क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई हुई, जिसे जिला जज ने टिप्पणी किए बिना निरस्त कर दिया है।
तिकुनिया हिंसा कांड मामले में क्रास केस की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी सुनवाई के लिए बुधवार को जिला जज की अदालत में लगी थी।
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हालांकि बुधवार को ही एक अधिवक्ता के निधन होने की खबर के चलते शोक प्रस्ताव होने के कारण सुनवाई को लेकर असमंजस बरकरार था, लेकिन जब जिला जज मुकेश मिश्र ने तय समय पर जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई शुरू कर दी, तब सुमित जायसवाल की ओर से हाजिर हुए अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस केस में जांच टीम ने कई धाराओं में फेरबदल किया है, जिसके चलते अब पुरानी जमानत याचिका पर बहस करना ठीक नहीं होगा। वह उसे वापस लेना चाहते हैं, जिस पर अदालत ने मंजूरी देते हुए अपने फैसले में लिखा है कि बल ना देने के कारण जमानत अर्जी निरस्त की जाती है।
अब नए सिरे से पड़ेगी जमानत अर्जी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में एक्सीडेंट की धाराएं हटाने के बाद जांच टीम की ओर से इसे हत्या और हत्या के प्रयास के रूप में देखा गया है। अदालत ने भी जानलेवा हमला, हत्या और अंग भंग कर देने के साथ ही एक राय होकर साजिशन इस मामले को अंजाम देने की धाराओं में वारंट तब्दील कर दिया है, जिसके चलते पूर्व में निर्धारित हो चुकी आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे, लवकुश राणा की जमानत अर्जी नई धाराओं में 307, 326 और शस्त्र अधिनियम की धारा 3 /25 /30 सपठित 35 में जमानत दरखास्त सीजेएम अदालत में दाखिल करनी होगी। जहां जमानत अर्जी पर फैसला होने के बाद नए सिरे से इन्हीं धाराओं में जमानत मांगने को जिला अदालत में आना होगा। संवाद
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तिकुनिया कांड के आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में जांच टीम ने आरोपियों की 14 दिन की रिमांड और मांगी है। विवेचक विद्याराम दिवाकर ने सीजेएम अदालत को बताया कि तफ्तीश पूरी नहीं हो सकी है, लिहाजा आरोपियों को 14 दिन और न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत है। अपराध संख्या 219 के सभी अभियुक्तों और क्रॉस केस मामले के सभी आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी रिमांड 24 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। हालांकि 24 दिसंबर को ही अदालत का इस वर्ष का अंतिम कार्य दिवस होता है। इसलिए क्रॉस केस के आरोपियों को 14 दिन के स्थान पर 13 दिन बाद ही पड़ने वाली 24 दिसंबर के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी दी गई है। संवाद
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