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Lakhimpur Kheri: निजी चीनी मिलों में अटका भुगतान, क्रशर पर सस्ते दामों में गन्ना बेचने को मजबूर किसान

Fri, 24 Nov 2023 04:00 PM IST
मुकेश कुमार आशीष गुप्ता, संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

जिले में कुल नौ चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें दो सरकारी और शेष अन्य सात निजी क्षेत्रों की चीनी मिलें हैं। इनमें अभी तक जहां कोऑपरेटिव द्वारा संचालित संपूर्णानगर व बेलरायां चीनी मिल पेराई सत्र शुरु नहीं कर सकी हैं। 
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क्रशर पर पेराई करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चालू पेराई सत्र में लखीमपुर खीरी जिले की नौ चीनी मिलों में तीन मिलें जहां बकाया भुगतान कर रही हैं, वहीं अन्य चार मिलें किसानों का भुगतान करने में फिसड्डी हैं। जबकि, शासन की तरफ से चीनी मिलों को गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर भुगतान करने के निर्देश हैं। उधर, भुगतान न मिलने से उन चीनी मिल क्षेत्रों के गन्ना किसान सस्ते दामों में क्रशर पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं।

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जिले में कुल नौ चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें दो सरकारी और शेष अन्य सात निजी क्षेत्रों की चीनी मिलें हैं। इनमें अभी तक जहां कोऑपरेटिव द्वारा संचालित संपूर्णानगर व बेलरायां चीनी मिल पेराई सत्र शुरु नहीं कर सकी हैं, वहीं तीन चीनी मिलें किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर पा रही हैं। जबकि, निजी क्षेत्र की ही गुलरिया, कुंभी और अजबापुर चीनी मिल ने 14 दिन के अंदर किसानों के बकाया भुगतान का पैसा उनके खातों में भेज दिया है।

बजाज ग्रुप की गोला, पलिया व खंभारखेड़ा चीनी मिलें अभी पिछले सत्र का ही पूरा बकाया भुगतान नहीं कर सकी हैं। ऐसे में नए सत्र का भुगतान कैसे हो, इसको लेकर संशय बना हुआ है। मजबूरन किसान भी अपना गन्ना नकदी जरूरत के लिए क्रशर पर औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर हैं। इसके अलावा उन्हें गेहूं की बुआई के लिए अपने खेत भी खाली करने हैं। ऐसे में उनके सामने नकदी की समस्या बड़ी है।

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अब तक कुल 75.84 लाख क्विंटल की खरीद, 100 करोड़ भुगतान
चालू पेराई सत्र में सात निजी चीनी मिलों ने 22 नवंबर तक कुल 75 लाख 84 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद की है। जिसमें देय रकम कुल 263 करोड़ रुपया बनी लेकिन महज 38 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। 163 करोड़ रुपया अब भी बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा बकायेदारी बजाज की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर है। जहां कुल 29.27 लाख क्विंटल खरीद हुई और चालू सत्र की कुल देनदारी 104 करोड़ रुपये है। डीसीएम श्री राम ग्रुप की अजबापुर चीनी मिल व बलरामपुर ग्रुप की गुलरिया चीनी मिल ने 14 दिन के अंदर ही किसानों का संपूर्ण भुगतान कर दिया है। इन पर बकायेदारी शून्य है।

29 नवंबर से चलेंगी दोनों सरकारी मिलें
जनपद की संपूर्णानगर व बेलराया सहकारी चीनी मिल में अभी पेराई सत्र की शुरुआत नहीं हो पाई है। आज दोनों जगह रोलर पहुंचेगा, फिटिंग के बाद 29 नवंबर से पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। डीसीओ वेद प्रकाश सिंह का कहना है कि हमारी तैयारी पूरी है, 29 नवंबर से पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।

चालू पेराई सत्र में तौल, बकाया व भुगतान की सारिणी

चीनी मिल- गन्ना की खरीद- भुगतान- बकाया राशि
1- गोला (बजाज)- 15.21 लाख क्विंटल, शून्य- 52.91 करोड़ रुपये
2- पलिया (बजाज)- 4.46 लाख क्विंटल, शून्य- 15.45 करोड़ रुपये
3- खंभारखेड़ा (बजाज)- 10.3 लाख क्विंटल- शून्य- 35.79 करोड़ रुपये
4- ऐरा (जुआरी ग्रुप)- 2.62 लाख क्विंटल- शून्य- 9.06 करोड़ रुपये
5- अजबापुर (डीसीएम)- 19.5 लाख क्विंटल- 43.30 करोड़ रुपये- शून्य
6- कुंभी (बलरामपुर)- 11.59 लाख क्विंटल- 26.73 करोड़ रुपये- शून्य
7- गुलरिया (बलरामपुर)- 12.16 लाख क्विंटल- 30.33 करोड़ रुपये- शून्य
8- बेलराया (सहकारी)- शून्य- शून्य- शून्य
9- संपूर्णानगर (सहकारी)- शून्य-शून्य-शून्य
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बजाज ग्रुप ने पिछले साल का 93 फीसदी तक किया भुगतान
पिछले पेराई सत्र का बजाज ग्रुप की तीनों चीनी मिलों पर कुल 244.75 करोड़ रुपये बकाया रह गया है। नवंबर महीने में बजाज ने तीनों चीनी मिल पर कुल बकाया का 90 प्रतिशत तक भुगतान किया है। बजाज ग्रुप के पीआरओ सतीश श्रीवास्तव के मुताबिक, पिछले सत्र का 93 प्रतिशत तक भुगतान किया जा चुका है। जल्द ही इस साल का भी भुगतान शुरू कराया जाएगा।

जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर में 29 नवंबर से पेराई सत्र शुरू होगा। अन्य सात चीनी मिलों में अजबापुर, कुंभी और गुलरिया ने संपूर्ण भुगतान किया है। 14 दिन में भुगतान न करने पर संबंधित चीनी मिलों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा।
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