एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है उम्मी खातून
पड़ोसी देश बेलारूस में फंसा है अनस
खीरी टाउन (लखीमपुर खीरी)। यूक्रेन और रूस में चल रही बमबारी के बीच यूक्रेन में भारत के कई छात्र-छात्राएं फंस गए हैं, जिसमें खीरी टाउन का एक छात्र व एक छात्रा भी शामिल है। खीरी टाउन निवासी छात्रा उम्मी खातून और अनन ने फोन पर अपने घरवालों को बताया कि यहां के हालात बेहद खराब हैं। रुक-रुककर बम धमाके हो रहे हैं। बिजली भी नहीं आ रही है। इंटरनेट सेवा भी प्रभावित है। दोनों के मुश्किल हालात में फंसने से परिजन में चिंता व डर का माहौल बना हुआ है। यहां बता दें कि दोनों छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
खीरी टाउन के मोहल्ला सैयदवाड़ा निवासी निजाम अली की पुत्री उम्मी खातून यूक्रेन के पोलतावा स्टेट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के पांचवें वर्ष की छात्रा है। वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। आठ दिसंबर 2021 को छात्रा उम्मी खातून यूक्रेन से घर आई थी। नौ जनवरी 2022 को वापस यूक्रेन लौट गई। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद वहां के हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। छात्रा उम्मी खातून ने बृहस्पतिवार को अपने परिजनों से संपर्क करके वहां के हालात के बारे में जानकारी दी है।
छात्रा ने बड़ी बहन आसिया से वीडियो काल के जरिए बताया कि फ्लाइट रद्द हो गई हैं। ट्रांसपोर्ट बंद है। बिजली भी बार-बार आ जा रही है। इंटरनेट भी बंद हो जाता है। रुक रुक कर बम के धमाकों की आवाजें आ रही हैं। बाजार में सामान नहीं मिल रहा है। लोग घरों को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं।
यूक्रेन की सरकार ने बता दिया है कि हमला होने पर कैसे बचाव करना है। बंकर में छिपने के लिए कहा गया है। टीचर्स भी अपनी सुरक्षा के लिए बंकर में छिपने की सलाह दे रहे हैं। छात्रा के पिता निजाम ने बताया कि बेटी से बात हुई है। हालात खराब और नाजुक हैं, जिससे वह रो रही है। वह कह रही है कि पापा मुझे वापस बुला लो। भारत सरकार से मांग है कि बेटी को यूक्रेन से सुरक्षित भारत लाने में मदद करें।
बेलारूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा अनस
खीरी टाउन के मोहल्ला डीहपुर निवासी कामिल हुसैन का पुत्र अनस यूक्रेन के पड़ोसी देश बेलारूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। परिजन ने बताया कि बेलारूस की एनआईएनएसके यूनिवर्सिटी से अनस मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यूनिवर्सिटी के प्रबंधन तंत्र ने रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे हमले के मद्देनजर अनस को अपने घर भारत जाने के लिए कह दिया है। छात्र के पिता कामिल ने बताया कि वह दिसंबर 2021 में बहन की शादी में शामिल होने आया था, जिसके बाद वह बेलारूस चला गया था। वह अपने पुत्र से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और उसे भारत वापस बुलाने के लिए सरकार से मांग करेंगे।
मोहम्मदी का युवक भी यूक्त्रस्ेन में फंसा
मोहम्मदी। तहसील क्षेत्र के गांव सेमरा जानीपुर आलोक सिंह पुत्र संतोष सिंह भी यूक्त्रस्ेन में फंसे हुए हैं। वह वहां एक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र हैं। उन्होंने भी सरकार से गुहार लगाई है, लेकिन वहां जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं उन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन ने बताया कि आलोक चार साल से पढ़ाई कर रहा था। अभी दो तीन महीने पहले घर से गया था। घरवालों की उससे बात हुई है, जहां वह सुरक्षित है। संवाद
उम्मी खातून
यूक्रेन में फंसी उम्मी से बात करती मां और बहन।