शुरुआत से ही दबंगई करता रहता था तालिब
अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद तालिब एक के बाद एक वारदात को अंजाम देता रहा। इसके बाद वह घर और अंजान जगहों पर रहकर अगली घटना की साजिश रचता था। सूत्र बताते हैं कि पुलिस भी तालिब के शातिर दिमाग को नहीं भांप पा रही थी। तालिब पुलिस से बचने के लिए ज्यादातर समय की-पैड वाले मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के दौरान वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा था। इसके चलते पुलिस ने ट्रेस कर उसे मुठभेड़ में मार गिराया।
अंतिम संस्कार में कुछ ही लोग पहुंचे
ग्रामीणों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम के बाद तालिब का शव सोमवार देर रात गांव पहुंचा था। घर में उसके कुछ परिजन ही मौजूद थे, जबकि गांव के ज्यादातर लोग मृतक तालिब की कार्यशैली से नाराज थे। मंगलवार को सुबह करीब दस बजे से पहले ही पुलिस की मौजूदगी में तालिब के शव को सुपुर्दे खाक किया गया। सीओ रमेश कुमार तिवाही ने बताया कि वह गांव गए थे। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच तालिब का शव सुपुर्दे खाक करा दिया गया। गांव में शांति व्यवस्था कायम है।