एसीएमओ के निरीक्षण में मिलीं तमाम खामियां
डिलिवरी रूम के बगल में चलता मिला बाबुओं का कार्यालय
सीएचसी में एक स्टाफ नर्स की लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान एक सप्ताह में दो नवजात की हुई मौत के मामले की जांच करने पहुंचे एसीएमओ डॉ बलबीर सिंह को खामियों का अंबार मिला। प्रसूता कक्ष के पास स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी का दफ्तर खुला मिला, जिसमें पुरुष कर्मचारी बैठकर काम करते हैं। एसीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल दफ्तर वहां से हटाने को कहा। साथ ही अधीक्षक से नवजात की मौत मामले में आरोपी स्टाफ नर्स को ड्यूटी से हटाने के निर्देश दिए।
शनिवार दोपहर पहुंचे एसीएमओ ने मिशन इंद्रधनुष कार्यकम की समीक्षा के बाद बांकेगंज सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई के साथ ही उपस्थित रजिस्टर, इमरजेंसी कक्ष के अलावा जच्चा-बच्चा वार्ड का मुआयना किया। जच्चा-बच्चा वार्ड में पहुंचे एसीएमओ ने वहां भर्ती सलेमपुर निवासी प्रसूता राजिदा पत्नी मोहम्मद राशिद से प्रसव के दौरान किसी तरह की दिक्कत के बावत जानकारी हासिल की। जहां प्रसूता राजिदा की मां जैमुल निशां ने एसीएमओ से ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ज्योति पर 500 और एंबुलेस स्टाफ पर 100 रुपये जबरन वसूलने की शिकायत की। उधर इस बाबत एसीएमओ डॉ बलवीर सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सीएचसी में भर्ती प्रसूता ने स्टाफ नर्स और एंबुलेंस स्टाफ पर जबरन रुपये वसूलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि अधीक्षक से संबधित स्टाफ नर्स की ड्यूटी तत्काल डिलिवरी रूम से हटाने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा एंबुलेंस स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अधीक्षक डॉ एके चौरसिया, डॉ विकास गिरी, डॉ सुनील वर्मा, डॉ शिवेन्द्र अवस्थी, फार्मासिस्ट चंद्रशेखर, साधना वर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।