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कहीं बारिश हुई तो कहीं इंतजार करते रह गए लोग

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सुबह में हुई बारिश के बाद दिनभर बादल छाए रहे।
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मौसम विभाग ने आज सुबह तेज बारिश होने की जताई संभावना
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लखीमपुर खीरी। जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। लखीमपुर शहर में जहां मामूली बारिश हुई तो वहीं बॉर्डर इलाके में बारिश ने कहर बरपा दिया। नेपाल में भारी बारिश और बनबसा डैम से पानी रिलीज होने से पलिया में जहां शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने जनपद में बृहस्पतिवार की सुबह तक तेज बारिश होने की संभावना जताई है। बुधवार को पूरे जनपद में 5.61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जनपद में मानसून के समय पर सक्रिय न होने के कारण अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है, जिससे लोग भीषण गर्मी का सामना करने को विवश रहे। मौसम विभाग की पूर्व में जारी कई संभावनाएं भी सही नहीं निकलीं, लेकिन बुधवार की सुबह मौसम के तेवर बदले। बादल छाए रहे और शहर में बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। इससे बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से भले ही राहत मिल गई, लेकिन किसानों को अभी अच्छी बारिश होने का इंतजार है। क्योंकि धान की रोपाई के लिए खेतों का पूरी तरह पानी से लबालब भरना जरूरी है।
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मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि लखीमपुर के लिए ओरेंज वार्निंग जारी की गई है। 30 जून को तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली भी कड़क सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतनी होगी। खासकर नदियों के किनारे जाने से लोग बचें। अगले दो-तीन दिनों में भी आसमान में बादल छाएंगे, लेकिन बारिश होने की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि अभी पूरी तरह मानसून सक्रिय नहीं है, जिससे कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
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गन्ना और केले की फसल के लिए संजीवनी बनी बारिश
बांकेगंज। कस्बा समेत क्षेत्र में बुधवार सुबह तेज हवाओं के साथ हुई बारिश गन्ना और केला उत्पादक किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है।
किसान इरफान अली, विपिन शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह आदि का कहना है कि तेज धूप और लू के चलने से उनके खेतों में खड़ी गन्ना और केले की फसल सूखने लगी थी। फसलों को बचाने के लिए उन्हें पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही थी। बुधवार को हुई बारिश ने काफी राहत दी है।
संपूर्णानगर। इलाके में हो रही बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। धान की रोपाई और सूख रहे गन्ने के लिए बारिश सोना बनी है। संवाद
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