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छह चीनी मिलों ने किसानों का  597 करोड़ भुगतान दबाया  

Sun, 05 Feb 2017 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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wef - फोटो : अमर उजाला
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बजाज ग्रुप ने पिछले वर्ष खरीदे गन्ने का नहीं किया पेमेंट
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इन मिलों पर 8.48 करोड़ ब्याज की भी बकाया
जिले की नौ में से छह चीनी मिलों ने चालू पेराई सत्र में किसानों का करोड़ों रुपये भुगतान दबा लिया है। गन्ना एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए मिल प्रबंधन ने 14 दिन में भुगतान करना तो दूर पिछले वर्ष का भुगतान नहीं किया है। बजाज ग्रुप की गोला ने एक दिसंबर, पलिया ने 15 नवंबर, खंभारखेड़ा ने 26 नवंबर 2016 तक भुगतान किया है। ऐसे ही ऐरा मिल ने सिर्फ सात दिसंबर 2016 तक खरीदे गन्ने का भुगतान किया है। 
विधानसभा चुनाव का माहौल है, तो सरकारी तंत्र भी चुनाव में व्यस्त हो गया है। विभिन्न दल भले ही किसानों को लुभाने के लिए वादे कर रहे हैं, लेकिन अफसरों ने किसानों से मुंह फेर लिया है। लिहाजा निजी और सहकारी मिलों के प्रबंधनतंत्र ने मनमाना रवैया अपनाते हुए गन्ना मूल्य भुगतान दबा लिया है। गन्ना विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक (तीन फरवरी 2017 तक) सभी चीनी मिलों ने किसानों से 17 अरब 94 करोड़ 91 लाख 95 हजार रुपये का गन्ना खरीदा हैै, जिसके सापेक्ष 14 अरब 91 करोड़ 46 लाख 49 हजार रुपये (14 दिन पूर्व तक) का भुगतान किसानों को किया जाना था। लेकिन छह मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर ने पांच अरब 97 करोड़ एक लाख 51 हजार रुपये दबा रखा है। गोला पर सबसे ज्यादा एक अरब 68 करोड़ 27 लाख 47 हजार, पलिया पर एक अरब 67 करोड़ 25 लाख 71 हजार, खंभारखेड़ा पर एक अरब 35 करोड़ 12 लाख तीन हजार, ऐरा पर 96 करोड़ 99 लाख 80 हजार रुपये बकाया है। इसी तरह सहकारी बेलरायां पर 17 करोड़ 71 लाख 57 हजार और संपूर्णानगर पर 11 करोड़ 64 लाख 93 हजार रुपये बकाया है।  
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ऐरा मिल का चीनी स्टाक कब्जे में लिया
गन्ना मूल्य का बकाया बढ़ने पर ऐरा मिल के चीनी स्टाक को प्रशासन ने कब्जे में लिया हैै। अब एसडीएम, गन्ना सचिव और मिल अध्यासी के संयुक्त निगरानी में चीनी की बिक्री कराकर किसानों को भुगतान कराएंगे। हालांकि इससे पहले बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों की चीनी को प्रशासन अपनी कस्टडी में ले चुका है, लेकिन इससे किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ है। 
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बजाज की मिलें बांट रहीं चीनी 
गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे फिसड्डी साबित हुई बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों द्वारा किसानों को चीनी दी जा रही है। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि गन्ना आयुक्त ने इस शर्त पर अनुमति दी है कि किसान अपनी इच्छानुसार चीनी लेने या न लेने को स्वतंत्र है। यदि कोई किसान चीनी लेने की पेशकश करता है, तो उसे थोक मार्केट रेट पर चीनी दी जाएगी। 
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भुगतान में देरी करने वाली मिलों को बकाया पर ब्याज देना होगा। अब तक छह मिलों पर 848 लाख 62 हजार रुपये ब्याज ड्यू हो गया है। इसके अलावा शीघ्र भुगतान करने के लिए नोटिस दी गई हैं। 
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी 
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