धौरहरा। व्यवस्था की मारी एक महिला अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए एसडीएम के दफ्तर पहुंची। बोली- बाबूजी बहुत गरीब हन। 20 रुपया हैं, लै लेउ और जमीन पर कब्जा देवाय देऊ। एसडीएम ने समस्या सुनकर उसे आश्वस्त किया कि न्याय होगा।
मुरौवा निवासिनी रामरानी अपनी मुरौवा पुरवा की जमीन गाटा संख्या 281/0 .3000 हेक्टेयर की पैमाइश और कब्जा दिलाने की मांग को लेकर दो दिन पहले एसडीएम धीरेंद्र कुमार के पास गई थीं। उन्होंने बताया जमीन उनके पति के नाम है। पैतृक है पर कटौली के एक व्यक्ति ने वर्षों से उस पर कब्जा किया हुआ है। वह लेखपाल और कानूनगो के पास कब्जा दिलाने के लिए दौड़ते-दौड़ते थक गई है। उसे कब्जा दिला दें।
एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि कब्जा दिला दिया जाएगा और प्रार्थनापत्र स्टेनो को पकड़ा दिया। इसके बाद रामरानी ने बीस रुपये का नोट निकाला और एसडीएम की ओर बढ़ा दिया। वह चौंक गए। सहमी-सहमी राधारानी ने कहा - ‘बाबूजी हम जहां-जहां जाइत हैं, वहां सब पैसा मागै लागत है। बिना दिहे कछु काम नाय होति है। एसडीएम उसकी सरलता और सिस्टम की खामियों को सोचते हुए अवाक रह गए।
एक महिला आईं थी, जिन्होंने अपनी समस्या बताई। जाते समय बीस का नोट देने लगीं। मैंने उनसे कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। उनकी समस्या का उचित समाधान होगा। इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है।
धीरेंद्र कुमार, एसडीएम धौरहरा