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17 घंटे बाद सिद्धू ने खत्म किया मौन अनशन
मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू के क्राइम ब्रांच में पेश होने के बाद तोड़ा अनशन
- पत्रकार रमन कश्यप की बेटी आराध्या ने सिद्धू को जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
संवाद न्यूज एजेंसी
निघासन (लखीमपुर खीरी)। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिर करीब 17 घंटे बाद शनिवार को अपना मौन अनशन तोड़ दिया। घटना में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप की 11 साल की बेटी आराध्या ने सिद्धू को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। सिद्धू ने अपना अनशन तब खत्म किया, जब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र और तिकुनिया बवाल के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र के क्राइम ब्रांच टीम के सामने पेश होने की जानकारी मिली।
नवजोत सिंह सिद्धू तिकुनिया बवाल में मारे गए किसान लवप्रीत सिंह के परिवार से उनके घर चौखड़ा फार्म में मिलने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे निघासन स्थित मृतक पत्रकार रमन कश्यप के घर पहुंचे थे। रमन के परिवार वालों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने के बाद पौने छह बजे सिद्धू वहीं मौन अनशन पर बैठ गए। कहा था कि जब तक मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वह अपना मौन अनशन जारी रखेंगे। इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कुछ खाया नहीं सिर्फ पानी पीते रहे और मौन रहे। रात 11 बजे निघासन सीएचसी के अधीक्षक डॉ. लालजी पासी के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य परीक्षण में सब कुछ ठीक ठाक मिला।
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रात भर अनशन खत्म कराने का प्रयास करते अफसर
रात करीब 2:30 बजे सीडीओ अनिल कुमार और एसडीएम अनिल कुमार मृतक पत्रकार रमन के घर पहुंचे और अनशन पर बैठे नवजोत सिंह सिद्धू को अनशन खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन सिद्धू नहीं माने। रमन के परिवार वालों के जरिए भी अनशन खत्म कराने का दबाव बनाने की कोशिश की गई, लेकिन यह कोशिश भी नाकाम रही। शनिवार सुबह 11:30 बजे जब उन्हें आशीष मिश्र के क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने की जानकारी मिली तब जाकर उन्होंने अनशन खत्म किया।
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सिद्धू बोले- सत्यमेव जयते
अनशन खत्म करने के बाद सिद्धू ने कहा ‘सत्यमेव जयते’। बोले कि न्याय है तो शासन है, न्याय नहीं तो शासन नहीं। चाहे जितना बड़ा राजा क्यों न हो, न्याय से बड़ा कोई नहीं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई न्याय की है, मुआवजे की की नहीं। रमन की बहन ने कहा था कि मुआवजा नहीं, हमें न्याय चाहिए। हम सब न्याय के लिए लड़ रहे हैं।
अपने मित्र के घर किया भोजन
चंद मिनट के संबोधन के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने रमन कश्यप के परिवार से विदा ली और पलिया रोड पर रहने वाले अपने मित्र जगतार सिंह और मलकीत सिंह के यहां चले गए। वहां करीब एक घंटा रुके। वहीं उन्होंने नाश्ता किया और खाना खाया, इसके बाद इसी बवाल में मारे गए किसान नक्षत्र सिंह के परिवार से मिलने के लिए धौरहरा रवाना हो गए। इस बीच पलिया रोड पूरी तरह ब्लॉक कर दी गई।
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नक्षत्र सिंह के घर पहुंचे सिद्धू, परिवार को दी सांत्वना
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया में हुए बवाल में जान गंवाने वाले किसान नक्षत्र सिंह के परिवार को सांत्वना देने के लिए शनिवार को पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्घू धौरहरा के नामदारपुरवा पहुंचे। उन्होंने नक्षत्र सिंह के परिजन से मिलकर घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई। साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति हमदर्दी दिखाते हुए किसानों की लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात कही। उनके साथ पंजाब के लोक निर्माण मंत्री राजेंद्र जिगंला, शिक्षा मंत्री गुरु कीरत सिंह पोटली, परिवहन मंत्री अमरेंद्र राजा, तीरथ राजेंद्र सिंह बाजवा, फतेह बाजवा, अजितेंद्र बाजवा, इंदर जीत सिंह जीरा, बलवीर सिंह सिद्धू, सुखपाल भुल्लर, वीरेंद्र सिंह आदि विधायक मौजूद रहे। संवाद