लखीमपुर खीरी। इस वर्ष गन्ने का एरिया कम होने से चीनी उत्पादन में कमी आने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उम्मीद के उलट चीनी मिलों ने पिछले वर्ष के उत्पादन को पीछे छोड़ दिया है। सभी नौ मिलों ने अब तक (15 फरवरी 2020 तक) 74 लाख नौ हजार 725 क्विंटल चीनी उत्पादन कर लिया है, जबकि पिछले वर्ष इस समय (15 फरवरी 2019 तक) तक 62 लाख 41 हजार 839 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था।
जनपद को चीनी का कटोरा इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि किसानों का सबसे अधिक मोह गन्ने की खेती से जुड़ा है। कैश क्रॉप होने की वजह से सबसे अधिक गन्ने की खेती की जा रही है। इस वर्ष भी करीब तीन लाख हेक्टेयर में किसानों ने गन्ने की बुआई की थी, लेकिन पिछले वर्ष से करीब 20 हजार हेक्टेयर एरिया कम हुआ है। इससे कयास लगाए जा रहे थे कि चीनी उत्पादन में कमी आएगी। जनवरी 2020 तक हुआ भी ऐसा, क्योंकि 27 जनवरी 2020 तक 57.79 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन हुआ था, जबकि पिछले वर्ष 27 जनवरी 2019 तक 59.01 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन हुआ था। इसके बाद फरवरी में चीनी उत्पादन तेजी से बढ़ने लगा, जिसका नतीजा सामने है कि 12 लाख क्विंटल का अंतर आ चुका है। अच्छे उत्पादन के पीछे चीनी परता का अच्छा होना प्रमुख कारण बताया जा रहा है। तो वहीं इंडेंट की मात्रा बढ़ने से गन्ने की पेराई भी बढ़ी है।
गन्ने का एरिया कम होने से चीनी उत्पादन में कमी आने के आसार जताए जा रहे थे। इसके मुताबिक ही जनवरी 2020 तक चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले कम ही रहा। फरवरी में चीनी परता अच्छा हुआ और पेराई में वृद्धि होने से चीनी उत्पादन पिछले वर्ष के रिकार्ड को पार कर गया है।
-ब्रजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी