लखीमपुर खीरी। मोतीपुर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में इस समय खून की कमी है। कई ग्रुप का ब्लड काफी कम है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदारों को प्राइवेट लैब या पड़ोसी जनपद सीतापुर से ब्लड लाना पड़ता है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 12 सौ से 15 सौ से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है। यहां भर्ती कई मरीजों को ब्लड की जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव ब्लड नहीं है, जबकि ए निगेटिव सिर्फ दो यूनिट बचा है। वहीं अन्य ब्लड ग्रुप भी काफी कम हैं।
ब्लड बैंक से महिला जिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती मरीज, लावारिस मरीज, कैदी, एनिमिया के मरीजों सहित अन्य गंभीर रोगियों को रक्त दिया जाता है। वर्तमान में इन दोनों ग्रुप का ब्लड न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड की जरूरत के लिए तीमारदारों को प्राइवेट ब्लड बैंक या पड़ोसी जनपद सीतापुर का सहारा लेना पड़ रहा है।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, खून की होगी अधिक खपत
जून से लेकर नवंबर तक डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रमण बीमारियां अपने पैर पसारने लगती हैं। इससे शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। इसलिए मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। ब्लड बैंक में रक्त के कम होने से प्लाज्मा तैयार होना मुश्किल हो जाता है। अभी से ब्लड बैंक में रक्त की कमी है। इसलिए आपातकाल में स्थिति भयावह हो सकती है।
इस ब्लड के इतने बचे हैं यूनिट
ब्लड ग्रुप डब्ल्यूबी पीआरबीसी
ए पॉजिटिव 0 0
ए निगेटिव 0 2
बी पॉजिटिव 0 25
बी निगेटिव 0 3
एबी पॉजिटिव 1 6
एबी निगेटिव 0 1
ओ पॉजिटिव 02 16
ओ निगेटिव 1 2
(23 मई तक कुल 59 यूनिट रक्त बचा)
सीएमएस को नहीं पता कितने यूनिट है ब्लड
इस संबंध में जब जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके कोली से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक में कितना ब्लड है, इसकी जानकारी नहीं है। यह जानकारी पता करनी पडे़गी। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है अस्पताल प्रशासन रक्त कोष में ब्लड की कमी को लेकर कितना सजग है।