भाजपा जिलाध्यक्ष ने निरीक्षण कर कटान रोकने के दिए निर्देश
फूलबेहड़ में बंधे के अंदर बसे गांवों की खेती और जंगल उजाड़ने के बाद नदी ने करदियामानपुर के दो मजरों धाधलीपुरवा और पंथीपुरवा का भी वजूद मिटा दिया। यहां से लोग पलायन कर गए। पीड़ित मजबूरन खुले आसमान में सड़कों पर डेरा जमाए हैं। शारदा नदी अब तेजी से गूम गांव की ओर बढ़ रही है। गांव पर कटान का खतरा मंडराने की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सर्वेश श्रीवास्तव के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को हर हाल में कटान रोकने के निर्देश दिए। विभाग ने जियो ट्यूब और बंबू रिंग से कटान रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
शारदा एफ्लेक्स के अंदर बसे गांव बेड़हा, सुतिया, जंगल नंबर 11, करदिया मानपुर का वजूद पहले ही मिट चुका है। नदी ने हफ्ते भर के भीतर धाधलीपुरवा और पंथीपुरवा का भी वजूद खत्म कर दिया। नदी के निशाने पर गूम गांव है। अगर ये गांव कटता है तो भारी तबाही मच सकती है। गूम बड़ी ग्राम सभा है। यहां की आबादी भी हजारों में है। विभाग की कुंभकर्णी नींद से कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ चुका है। शुक्रवार को तहसील और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष शरद वाजपेई मौके पर पहुंचे और कटान का जायजा लिया। कटान देख उनके भी होश उड़ गए।
तहसील के अधिकारी सर्वे कर रहे है। कटान रोकने के लिए जिओ ट्यूब डाले जा रहे है। पीड़ितों को कोई दिक्कत नही होने दी जाएगी।
नागेंद्र सिंह, एसडीएम सदर