समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के बजट पर लगाई रोक
दोनों विभागों में हजारों आवेदकों की उम्मीदों को लगा झटका
गरीब पुत्रियों के विवाह पर आर्थिक मदद देने के लिए चलाई जा रही शादी अनुदान योजना पर शासन ने रोक लगा दी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से संचालित योजना को बंद करने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं एससी/एसटी और सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए भी बुरी खबर है कि उन्हें भी राहत नहीं मिलने वाली, क्योंकि समाज कल्याण विभाग ने भी इस मद की धनराशि को खर्च करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। योजना को बंद करने या रोक लगाने के पीछे शासन के आदेश का हवाला दिया गया है, लेकिन कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
वर्ष 2017-18 में सबसे ज्यादा 5982 आनलाइन आवेदन भरे गए हैं, जिनमें अभी तक 327 आवेदकों का एसडीएम स्तर से सत्यापन कराया जा चुका हैै। इसमें 55 आवेदन निरस्त किए गए हैं। प्रत्येक लाभार्थी को शादी अनुदान के तौर पर 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। अभी तक किसी को लाभ नहीं दिया गया हैै। जबकि समाज कल्याण विभाग को इस मद में एससी के लिए 64 लाख और सामान्य वर्ग के लिए 21 लाख रुपये मिले थे। समाज कल्याण विभाग के निदेशक मनोज सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए आवंटित धनराशि के आहरण-वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक ने शादी अनुदान योजना को अपने विभाग से समाप्त किए जाने की बात कही है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि इस मद में मिली धनराशि को खर्च न किया जाए।
अचानक बंद करने पर उठे कई सवाल
शादी अनुदान योजना को अलग-अलग विभागों से संचालित किया जा रहा था। इसके बावजूद अधिकांश आवेदकों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। समाज कल्याण विभाग में पिछले वर्र्ष के करीब चार हजार आवेदकों को आर्थिक मदद नहीं मिल सकी थी। अब अचानक योजना को बंद किए जाने से हजारों गरीब आवेदकों को 20 हजार की मदद मिलने का भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। अफसर भी इस बाबत कुछ भी बता पाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में योजना को बंद करने के आदेश शासन स्तर से दिए गए हैं। जबकि समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान का लाभ देने पर रोक लगाई गई है। कारणों के बारे में अभी पता नहीं चल सका है।
ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी