- भीषण गर्मी से बेहाल हुए लोग, सड़कों पर दिनभर रहा सन्नाटा
- सूरज की तपन से लोगों की कार्यक्षमता प्रभावित, जनजीवन अस्तव्यस्त
कड़ी धूप और भीषण गर्मी से पूरा जिला बुरी तरह झुलस रहा है। सुबह से लेकर शाम तक शरीर को झुलसाने वाली गर्मी से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। गर्मी का यह आलम है कि पंखे और कूलर भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। गर्मी से न घर में चैन मिल रहा है न बाहर। घरों में धूप से तो राहत है, लेकिन दोपहर तक पक्के मकानों के गर्म हो जाने से लोगों को घरों में भी राहत नहीं मिल पा रही है।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह सूर्योदय के साथ ही आसमान सूरज की किरने आंखों में चुभने लगीं। दस बजते-बजते सूरज के ताप से धरती भी तपना शुरू हो गई। हालत यह है कि दोपहर में सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया। देखते ही देखते बाजार और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। जो लोग घरों के बाहर निकले भी वह छाया ढूंढते नजर आए। यहां तक कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर भी छाया में बैठने की कोशिश करते दिखे।
गुरुवार को सुबह से ही तेज गर्म हवाओं का प्रकोप जारी रहा। गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाकर रख दिया। गर्मी से परेशान हाल लोग न काम कर पा रहे हैं न आराम। कड़ी धूप और गर्मी से लोगों का दिन भर गला सूखता रहा। किसी ने पानी से तो किसी ने गन्ने या बेल के जूस से गला तर किया। कड़ी धूप और भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा कुप्रभाव स्कूल जाने वाले बच्चों और कामगारों पर पड़ रहा है। बच्चे स्कूल से लौटते समय पसीना-पसीना हो रहे हैं। मजदूरों और रिक्शा चालकों को काम नहीं मिल रहा है।