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पान मसाला के दो ब्रांड के नमूने जांच में मिले असुरक्षित, दायर होगा मुकदमा

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महेश ब्रांड की नमकीन में मिली सिंथेटिक रंग की मिलावट
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लखीमपुर खीरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों द्वारा कुछ महीने पहले भरे गए विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के नमूनों की लैब रिपोर्ट आई है, जिसमें पान मसाला के दो ब्रांड के नमूने असुरक्षित यानी खाने योग्य नहीं पाए गए है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें गैंबियर नामक केमिकल की मिलावट पाई गई है। इसके अलावा महेश ब्रांड की नमकीन भी असुरक्षित पाई गई है।
सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नौ सितंबर 2021 को खीरी टाउन के मोहल्ला शेख सरांय स्थित तौकीन अहमद उर्फ राजू की दुकान से दोस्ती ब्रांड पान मसाला का नमूना भरकर जांच के लिए लैब भिजवाया था। इसमें गैंबियर नामक केमिकल की मिलावट पाई गई है, जो कत्था की जगह कलर लाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी तरह खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उचौलिया स्थित रामजी गुप्ता की किराना दुकान से 24 सितंबर 2021 को क्लासिक ब्रांड के पान मसाला का नमूना भरा था, जिसकी लैब रिपोर्ट में भी गैंबियर केमिकल की मिलावट किए जाने की पुष्टि हुई है।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि दोनों ब्रांड के पान मसाला में पाया जाने वाला गैंबियर खतरनाक रसायन की श्रेणी में आता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसलिए दोनों दुकानदारों और निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद सक्षम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
चमड़ा रंगने के काम आता है गैंबियर
दोस्ती व क्लासिक ब्रांड के पान मसाले में कत्थे की जगह गैंबियर नामक रसायन मिलाए जाने की पुष्टि हुई है, जिसके सेवन से गुर्दे-लीवर खराब होने के साथ-साथ कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इस खतरनाक रसायन का प्रयोग चमड़ा रंगने में किया जाता है।
सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि पान मसाला की लागत कम करके अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ पान मसाला कंपनियां खतरनाक रसायन गैंबियर का इस्तेमाल कत्थे की जगह कर रही हैं। इनके विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नमकीन में मिला सिंथेटिक कलर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 18 जनवरी 2022 को महमदपुर अलीगंज रोड गोला स्थित सचिन गुप्ता की किराना दुकान से महेश ब्रांड की नमकीन का नमूना भरकर जांच के लिए लैब भेजा था। लैब विश्लेषक ने इस नमकीन के नमूने असुरक्षित करार दिए हैं, क्योंकि इसमें सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल किया गया है, जो खाने योग्य नहीं है। इसलिए सहायक आयुक्त खाद्य ने दुकानदार को नोटिस जारी किया है। जवाब मिलने के बाद सक्षम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
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