- सिर्फ दो पदार्थों के नमूने हो सके पास
- संबंधित व्यापारियों के खिलाफ दायर होगा केस
- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम द्वारा मार्च 2016 में चलाए गए अभियान के दौरान भरे गए खाद्य पदार्थों के कई नमूने लेबोरेटरी जांच में फेल हुए हैं। कई पदार्थों की गुणवत्ता का स्तर अधोमानक पाया गया है, तो कुछ मिस ब्रांड मिले हैं। खास यह है कि अधोमानक पाए गए नमूनों में रथ ब्रांड के वनस्पति का नमूना भी शामिल है। विभाग की ओर से ऐसे व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में केस दायर किया जाएगा।
अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा के मुताबिक जनवरी से मार्च 2016 तक भरे गए नमूनों में से 14 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। लैब जांच में गुणवत्ता के निर्धारित मानदंडों पर नौ पदार्थ अधोमानक पाए गए है, जबकि दो नमूने टेस्ट में पास हुए हैं। इसके अलावा दो नमूने मिस ब्रांड मिले हैं। मार्च 2016 में नौरंगाबाद में प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और कमलापुर में कमलकिशोर की दुकान से खोया, जेबीगंज निवासी सुरेश गुप्ता की दुकान से रथ ब्रांड का वनस्पति, झसिया गोपालापुर निवासी संगम सिंह के यहां से मिल्क क्रीम, ईसानगर में हरीकेशन के यहां से पनीर, मेसर्स आरपी इडिबल आयल कानपुर के रिफाइंड राइस ब्रांड आयल, छाउछ से संतोष गुप्ता और पिपरिया बाइपास से मनोज कुमार की दुकान से मिश्रित दूध, पलिया में अनुज चतुर्वेदी की दुकान से पनीर के नमूने लिए गए थे, जो सभी अधोमानक पाए गए हैं। जबकि निघासन में श्यामबिहारी गुप्ता की दुकान से खोया और खमरिया में रामेश्वर प्रसाद की दुकान से दही के लिए गए नमूने ही गुणवत्ता के मानक पर पास हुए हैं। इसके अलावा मेसर्स पीएसवीटी इंडस्ट्रीज लखनऊ के पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर, पंजाबी कालोनी निवासी अनुराग सहगल की दुकान से लिया गया चावल बोरी से और शाहजहांपुर निवासी अमित गुप्ता (रामजी) के रिफाइंड का नमूना मिस ब्रांड मिला है।
रथ ब्रांड के वनस्पति घी नमूने की जांच कोलकाता स्थित रेफरल लैब से जांच कराई गई थी, जिसमें वह अधोमानक पाया गया। अन्य लैबों की रिपोर्ट में आठ नमूने अधोमानक मिले हैं। दो नमूने मिसब्रांड मिले हैं। सभी व्यापारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद एडीएम कोर्ट में केस दायर होगा।
- डॉ. अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी