विकास भवन में प्रदर्शन करते ग्राम रोजगार सेवक संघ के पदाधिकारी। संवाद
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लखीमपुर खीरी। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने अपनी मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से विकास भवन परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
जिलाध्यक्ष शिवशंकर ने बताया कि 24 अगस्त 2021 को अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक न्यायोचित मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे जनपद से लेकर पूरे प्रदेश के रोजगार सेवकों में निराशा का माहौल है।
मितौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत रसूलपुर के ग्राम रोजगार सेवक मनोज कुमार हत्याकांड मामले में परिजन को 50 लाख का मुआवजा व नौकरी देने की मांग उठाते हुए संघ ने रोजगार सेवकों के ब्लॉक स्तर पर स्थानांतरण करने की पुरजोर मांग उठाई।
जिला महामंत्री लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि 21 अगस्त 2021 को शासकीय कार्य निपटाकर घर लौटते समय रोजगार सेवक मनोज कुमार की चुनावी रंजिश में हत्या कर दी गई थी। इससे दिवंगत रोजगार सेवक का परिवार असहाय हो गया है। रोजगार सेवकों ने कहा कि अपनी निजी ग्राम पंचायत में योगदान देने के कारण रोजगार सेवक प्रमुख लोगों के निशाने पर रहते हैं। धरना स्थल पर हत्यारोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग और सफाईकर्मी को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। ग्राम रोजगार सेवकों का ईपीएफ कटौती की धनराशि को उनके यूएन नंबर में जमा कराते हुए मनरेगा से राज्य वित्त, 15वां वित्त का कन्वर्जेंस कराकर के कार्य कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद संघ ने डीएम को मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष भूपेश कुमार सिंह, प्रदेश प्रभारी कमलेश गुप्ता, अवधेश पांडेय, संजय गुप्ता, अजय वाजपेयी शामिल रहे। संवाद