लखीमपुर खीरी। अनलॉक-1 मेें बस संचालन की अनुमति मिलने के बाद लखीमपुर और गोला डिपो की अनुबंधित और निगम की बसें एक जून से चलनी शुरू हो गईं, लेकिन पहले दिन की आय और यात्रियों की कम संख्या देखकर लखीमपुर डिपो की अनुबंधित बसों के मालिकों ने मंगलवार को हाथ खड़े कर दिए। इसी का नतीजा रहा कि मंगलवार को सड़कों पर लखीमपुर डिपो से जुड़ीं अनुबंधित बसें नहीं दिखीं। इसके विपरीत गोला और सीतापुर डिपो की बसें रूट पर दौड़ती रहीं।
लखीमपुर खीरी डिपो से जुड़े अनुबंधित बस मालिकों का कहना है कि पहले दिन आठ से दस यात्री लेकर बसें चलीं। निर्धारित से कम आय पर निगम उनके देयकों से कटौती करता है, इसलिए बस संचालन बंद करा दिया गया है। निगम यदि कटौती मुक्त बिल पास करने पर राजी हो तो हम लोग बस चलाने को तैयार हैं।
लखीमपुर डिपो: लॉकडाउन से पहले रोजाना थी करीब आठ लाख की आय
लॉकडाउन के दौरान करीब 70 दिनों तक लखीमपुर डिपो की 76 साधारण और चार एसी बसें खड़ी रहीं। इन 70 दिनो में लखीमपुर डिपो को यात्रियों से होने वाली आय शून्य रही। जबकि पिछले साल इस अवधि में डिपो को करीब 10 करोड़ की आय हुई थी।
अनलॉक-1
एक जून को चली बसें-42
कुल आय-55959
प्रतिबस आय-746 ( पहले साधारण की करीब 15 हजार और एसी की करीब 35 हजार थी आय)
कुल किलोमीटर-7760
सफर करने वाले यात्री-768
निगम ने यात्री बैठाने का जो नियम जारी किया है उससे इनकम नहीं हो रही है। इसलिए बस संचालन बंद कर दिया है। यदि निगम प्रतिदिन कटौती मुक्त बिल का प्रावधान करे तो बस चलाने को तैयार हैं।
-प्रेम बाजपेई, अनुबंधित बस मालिक
आय बेहद कम आने से अनुबंधित बस मालिकों ने दूसरे दिन बस चलाने से मना कर दिया है। पहले दिन प्रतिबस आय 746 रुपये आय हुई, जबकि लॉकडाउन से पहले प्रतिबस औसत आय करीब 15 हजार होती थी।
-एसपी सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो