लखीमपुर/महेवागंज। इस बार की बारिश और बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। बाढ़ से कई लोगों के घर बह जाने से वह बेघर हो गए हैं तो काफी किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इतना ही नहीं बाढ़ की वजह से कई सड़कें व पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जो राहगीरों को दर्द दे रही हैं।
सदर तहसील के फूलबेहड़ में बाढ़ से लोगों के कच्चे-पक्के घर और करीब तीन हजार हेक्टेयर फसल नदी में समा गई है। तटबंध के अंदर बसे गांवों के संपर्क मार्ग, पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अधिकांश गांवों को जोड़ने वाला श्रीनगर, बड़ा गांव रपटा और बड़ा पुल क्षतिग्रस्त है।
इन रास्तों में दर्जिनपुरवा, बसहा, बड़ागांव, रंडऊहा, खांभी, गोपालपुरवा, पांडेपुरवा और ग्रंट नंबर 12 आदि करीब 10 से अधिक गांव जुड़े हैं। प्रत्येक दिन 1500 लोगों का आवागमन होता है। ग्रामीणों ने दो बार रपटा पुल के मार्ग को अपने बलबूते सही किया।
लेकिन, बाढ़ के पानी ने मार्ग को फिर उजाड़ दिया। अब बाढ़ उतरे कई दिन बीत गए। लोगों को कठिनाई खासकर बीमार लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मार्ग और पुलिया की मरम्मत की जिम्मेदारों ने अब तक सुध नहीं ली है।
निघासन क्षेत्र में कई सड़कें क्षतिग्रस्त
निघासन/सलीमाबाद। दो बार बाढ़ आने से पांच हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें और क्षेत्र की सड़कें खराब हो गईं। ऐसे में लोगों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सलीमाबाद से पतिया होते हुए मोतीपुरवा तक, बुद्धापुरवा से मुन्नापुरवा और बोटनपुरवा के पास पुलिया, हक्कलपुर, सेमरहिया, खाले पुरवा सहित कई गांव को जोड़ने वाले मार्ग कट गए हैं। बाढ़ की तबाही ने बहुत से सारे किसानों की फसलों को बर्बाद करके रख दिया, जिसमे कई किसान शामिल हैं।
इब्राहिम की चार एकड़ धान की फसल नष्ट हो गई। इस्माइल, यासीन, मुस्तफा, निजामुद्दीन, इशराक सहित सैकड़ों किसानों की फासले हो गई बर्बाद हो गई है। संवाद
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बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
-पीके सरोज, जेई लोक निर्माण विभाग
श्रीनगर- बड़ा गांव मार्ग का क्षतिग्रस्त रपटा पुल। संवाद
श्रीनगर- बड़ा गांव मार्ग का क्षतिग्रस्त रपटा पुल। संवाद