अपने काव्य संग्रह के साथ रितिका सक्सेना।
लखीमपुर खीरी। मोहल्ला संकटा देवी निवासी बीएएमएस की छात्रा रितिका सक्सेना ने ‘मंजिल एक पहचान’ काव्य संग्रह लिखा है। इसमें नारी सशक्तीकरन को लेकर तमाम रचनाएं हैं। इसमें नारी, तू हिम्मत रख, व्यक्तित्व, चल तू भी कोशिश कर ले, खुद से खुद की लड़ाई, आखिर कब तक, एक नई उड़ान ...आदि नारी जीवन संघर्ष, सामाजिक दायित्व का निर्वाहन, शिक्षा प्राप्ति का संग्रह है।
छात्रा रितिका सक्सेना का कहना है कि वह बचपन से ही नारी के संघर्षों को अपने आस पास देखती आ रही थी, जिसे कविता में लयबद्ध किया है। छात्रा को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यक्रम में पूर्व पालिका अध्यक्षा डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कायस्थ गौरव सम्मान से सम्मानित कर चुकी हैं। रितिका देहरादून के देव भूमि मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। पिता राजकुमार सक्सेना पराग दूध उत्पादक समिति में कार्यरत हैं। जबकि मां अंजू सक्सेना गृहणी है। रितिका का सपना चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है। संवाद