प्रेसवार्ता करते राइस मिलर्स के अध्यक्ष राजू मिश्रा।
सरकार की गलत नीतियों के कारण राइस मिल बंदी के कगार पर पहुंचने का आरोप
लखीमपुर खीरी। यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सत्र 2021-22 में सरकारी घान की कुटाई न करने का एलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण राइस मिल बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मिश्र ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कस्टम मिलिंग के काम में धान से चावल की रिकवरी 67 की जगह 58 से 60 फीसदी हो रही है। चावल में टूटन 25 प्रतिशत की जगह 45 से 50 फीसदी हो रही है, जबकि मिलिंग चार्जेज पिछले 30 वर्षों से 10 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहा है। इसके अलावा कई मदों के भुगतान सरकार से न मिलने के कारण राइस मिल बेहद नुकसान में चल रही हैं। उन्होंने बताया कि राइस मिलर्स एसोसिएशन ने प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है। जिसमें राइस मिल मालिकों की समस्याओं से अवगत कराया है। साथ ही अगले सत्र में सरकारी धान की कुटाई न करने की चेतावनी दी गई है।