दुधवा के अंदर रूकने के लिए बनी डारमेट्री।
पलिया के होटल भी ठहरने के लिए रहेंगे अच्छा विकल्प
दुधवा खुलने के बाद वहां थारू हटों और डॉरमेट्री की बुकिंग हो जाने के बाद भी सैलानियों को मायूस नहीं होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए है कि दुधवा से मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित पलिया शहर में कई होटलों के साथ सैलानियों के रुकने के लिए रिजार्ट आदि की व्यवस्था है। इसके अलावा दुधवा मार्ग पर ही कई रिजार्ट हैं, जिनमें सैलानी ठहरकर दुधवा की जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। इसको लेकर होटल मालिकों ने भी पूरी तैयारी कर ली है।
कैसे पहुंचें दुधवा
लखनऊ से वाया सड़क मार्ग से सीतापुर, लखीमपुर, पलिया होते हुए दुधवा जाया जा सकता है। इसके अलावा शाहजहांपुर से खुटार, मैलानी, पलिया होते हुए सैलानी दुधवा पार्क तक पहुंच सकते हैं। बरेली से दुधवा आने के लिए पहले खुटार और उसके बाद मैलानी होते हुए पलिया व दुधवा जाया जा सकता है। हवाई यात्रा की अगर बात करें तो यहां से सबसे नजदीक का एयरपोर्ट लखनऊ है, जो कि दुधवा से 238 किलोमीटर की दूरी पर है। लखनऊ हवाई जहाज से आकर वहां से निजी वाहनों या फिर ट्रेन, बस से दुधवा पार्क पहुंचा जा सकता है।
दुधवा का पर्यटन सत्र शुरू
- फोटो : अमर उजाला
25 राजकीय में से चार-पांच हाथी कराते हैं भ्रमण
दुधवा नेशनल पार्क में 25 राजकीय हाथी हैं। इनमें से केवल चार-पांच हाथियों को ही पार्क प्रशासन द्वारा सैलानियों को भ्रमण कराने के लिए रखा हुआ है। बाकी हाथियों को गश्त व पेट्रोलिंग के साथ ही चारा लाने व अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाता है। उद्घाटन के दौरान इनमें से कुछ हाथियों को तैयार कर पर्यटन परिसर में खड़ा भी किया जाता है। इस बार भी सज-धजकर कुछ राजकीय हाथियों ने सैलानियों का इस्तकबाल किया।
90 गाइड सैलानियों को कराएंगे जंगल की सैर
दुधवा नेशनल पार्क में इस बार गाइडों की परीक्षा का हर साल की तरह आयोजन किया गया था। इसमें दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन द्वारा 90 गाइडों का चयन किया गया है। यह 90 गाइड दुधवा पार्क पहुंचने वाले सैलानियों को जंगल सफारी कराने के साथ ही दुधवा के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां देने का काम करेंगे। पार्क प्रशासन की मानें तो 55 गाइड दुधवा और 35 गाइडों को किशनपुर रेंज में सैलानियों को भ्रमण करने के लिए लगाया गया है। इसके अलावा करीब 60 जिप्सी व जीनॉन गाड़ियां भी सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराने के लिए तैयार की गईं हैं।