सरीसृपों को भी मिल रहा बेहतर माहौल
डॉ. रंगाराजू टी. ने बताया कि दुधवा के बफर जोन में दुर्लभ प्रजाति के सीबोल्ड सांप के मिलने से यह प्रतीत होता है कि दुधवा में वन्यजीवों के साथ ही सरीसृपों को बेहतर आयाम मिल रहा है और वह यहां के वातावरण में ढलते हुए जंगल को अपना घर मानने लगे हैं। लगातार दुर्लभ प्रजातियों के सांप मिलने से दुधवा भी इन सरीसृप प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध हो रहा है।
बंशीनगर में दिखा सांप
डीडी डॉ. रंगाराजू टी. ने बताया कि 27 अक्तूबर को बायोलॉजिस्ट अपूर्व गुप्ता व प्रतीक कश्यप को सूचना मिली थी कि बंशीनगर गांव में दीपक व सुधीर के यहां सांप निकला है। दुर्लभ प्रजाति का होने के कारण टीम ने उसे पकड़ा और उसको रिकॉर्ड करते हुए जंगल में छोड़ दिया गया। अगली सुबह फिर पलिया की दुधवा मार्ग स्थित एक रिजॉर्ट के पास इस प्रजाति का सांप देखा गया और मिलान किया गया तो यह सीबोल्ड प्रजाति का ही सांप निकला।