लखीमपुर खीरी। जिले में बृहस्पतिवार देर रात हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। शुक्रवार सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया।
रात करीब नौ बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं के साथ जिलेभर में बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान बीते 24 घंटे में आठ डिग्री गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री से खिसककर 20 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जिले में 52 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
सुबह लोग घरों से बाहर निकलकर ठंडी हवा का आनंद लेते नजर आए। दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। दोपहर करीब तीन बजे बूंदाबांदी के बाद फिर धूप निकल आई। बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है।
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बारिश से किसानों को मिली राहत, चेहरे खिले
बिजुआ। क्षेत्र में रात करीब एक बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को राहत मिली। डीजल की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए यह बारिश दोहरी खुशी लेकर आई। किसान महेंद्र, राजू, रामजीत, प्रेम और संदीप ने बताया कि इस समय गन्ने और धान की नर्सरी की सिंचाई की जरूरत थी, लेकिन डीजल न मिलने से परेशानी हो रही थी। अब बारिश से फसलों को संजीवनी मिलेगी और सिंचाई का खर्च भी बचेगा। संवाद
तराई क्षेत्र में फसलों को मिला जीवनदान
मझगईं। तराई क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से लंबे समय से भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के चलते बेला, कोठिया और त्रिलोकपुर के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया। पलिया-निघासन स्टेट हाईवे स्थित नौगवा कस्बे में सड़क पर जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हुई। गंगापुरवा के उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भी पानी भर गया। दूसरी ओर किसानों ने बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बताया। किसान ओमप्रकाश नाग, धर्मपाल चौधरी, बरकत अली, गुरनाम यादव और नरेश कुमार ने कहा कि तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण फसलें सूखने लगी थीं। डीजल की किल्लत और सिंचाई संसाधनों की कमी से खेतों को बचाना मुश्किल हो रहा था, लेकिन बारिश ने फसलों में नई जान फूंक दी है। संवाद