प्लेटफार्म पर पड़ा था, जीआरपी सिपाही ने उठवाकर सीमा रेखा से बाहर डलवाया
सूचना पर पहुंची 108 नंबर एंबुलेंस मृत देख लौटी
रेलवे स्टेशन पर बुधवार को 50 वर्षीय अधेड़ बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि अस्पताल भेजवाने के बजाय जीआरपी सिपाहियों ने दो युवकों से उसे अपनी सीमा रेखा से बाहर डलवा दिया। हालांकि सूचना पर पहुंची संकटा देवी पुलिस ने उसे अस्पताल भेजवाने के लिए 108 पर फोन कर एंबुुलेंस बुलाई, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाकर मोरचरी में रखवा दिया है।
भले ही स्टेशन पर यात्रियों की जान माल की सुरक्षा के लिए जीआरपी की तैनाती की गई हो, लेकिन जीआरपी कर्मी अपनी जिम्मेदारी का किस तरह निर्वहन कर रहे हैं इसकी एक बानगी बुधवार को रेलवे स्टेशन पर उस समय देखने को मिली। जब बेहोशी की हालत में मिले एक अधेड़ को जीआरपी सिपाहियों ने अस्पताल भेजवाने की बजाय दो युवकों से अपनी सीमा रेखा से बाहर लिटवा दिया। दोनों युवक बेहोशी की हालत में अधेड़ को रेलवे डाकघर के सामने कुछ दूरी पर डाल आए। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह अधेड़ करीब एक घंटे तक तेज धूप में वहीं पर पड़ा रहा। इसे देखकर वहां पर लोगों का मजमा लग गया, लेकिन किसी ने भी उसे अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। इस दौरान किसी ने सीओ सिटी को फोन पर इसकी जानकारी दी। जिस पर पहुंचे संकटा देवी चौकी के एक्शन टू के रविंद्र कुमार और होमगार्ड अनुराग तिवारी ने अधेड़ को अस्पताल में भर्ती में कराने के लिए 108 एंबुलेंस को फोन किया। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जब तक एंबुलेंस पहुंचती तब उसने दम तोड़ दिया।
अधेड़ कई दिनों से स्टेशन पर शराब के नशे में घूम रहा था। उसे किसी ने बाहर नहीं डलवाया, यह स्वयं अपने आप बाहर चला गया था। एंबुलेंस आई थी, लेकिन उसकी मौत हो जाने की वजह से उसे नहीं ले गई।
-मानवेंद्र पाठक, एसओ जीआरपी