गोला गोकर्णनाथ। नगर के प्राचीन शैक्षिक संस्थान पब्लिक इंटर कॉलेज में अव्यवस्थाओं के चलते बोर्ड परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया गया है। पब्लिक इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी। पूर्व के वर्षों में यह शैक्षिक संस्थान अपनी गुणवत्ता पर शिक्षा के लिए नगर ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों में जाना जाता था। आज कक्षा छह से 12वीं तक छात्र संख्या सिमट कर 1173 रह गई है। दशा यह है कि भवन की छतें जर्जर हो गई है। फर्नीचर टूटा पड़ा है। कमरों के दरवाजे खिड़कियों से पल्ले गायब हैं और उनके स्थान पर गत्ते फांस दिए गए हैं। सफाई कर्मी न होने से कक्षाओं में कूड़े के ढेर, परिसर में झाड़ झंकार हैं। शौचालय, प्रयोगशालाएं बदहाल हैं। बालिकाओं के शौचालय का हाल और भी बुरा है।
इन्हीं अव्यवस्थाओं के चलते विद्यालय से 1407 परीक्षार्थियों का बोर्ड परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया गया है। दशकों वर्ष में यह पहली बार हुआ है कि पब्लिक इंटर कॉलेज बोर्ड परीक्षा केंद्र बनने से वंचित रह गया।
वर्जन
अव्यवस्थाओं के कारण कॉलेज से परीक्षा केंद्र हटाया गया है। प्रधानाचार्य के पास ऐसा कोई मद नहीं होता है, जिससे फर्नीचर, खिड़कियां, दरवाजे, भवन एवं पंखे इत्यादि की व्यवस्था की जा सके। वांछित व्यवस्थाओं को पूर्ण करने के लिए समय से ही प्रबंधक को सूचना दे दी थी। वांछित व्यवस्थाएं प्रबंधक के स्तर से नहीं की गईं।
बाबूराम सागर, प्रधानाचार्य
वर्जन
पहली बार ऐसा हुआ है कि विद्यालय में बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं है। यह खेद का विषय है। मेरी डीआईओएस से इस संबंध में मुलाकात भी नहीं हुई है, न ही डीआईओएस या डीएम ने यह अवगत कराया गया कि किन अव्यवस्थाओं के चलते परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पर्याप्त फर्नीचर भी हैं। यदि कोई अव्यवस्था थी तो प्रधानाचार्य द्वारा सही सूचना उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी।
विजय माहेश्वरी, प्रबंधक