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दुधवा में टाइगर इस्टीमेशन-2022 की तैयारियां शुरू

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लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर इस्टीमेशन-2022 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राष्ट्रीय स्तर पर यह कार्यक्रम हर चार साल के अंतराल पर होता है। फिलहाल अगस्त में इस्टीमेशन करने वाली टीमों को प्रशिक्षित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
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टाइगर इस्टीमेशन के पहले चरण में साइन सर्वे किया होगा, जिसके तहत बरसात खत्म होने के बाद नवंबर में बाघ और तेंदुआ बहुल जंगल में अनावश्यक रूप से उगी घास काटने के बाद टीमें बाघ और तेंदुओं की साइटिंग, पगचिह्न आदि देखकर इनकी संख्या का अनुमान लगाएंगी। साथ ही बाघों के भोजन यानी शाकाहारी पशुओं के घनत्व का आंकलन होगा। इसके अलावा बाघों के प्राकृतवास में बायोटेक इंटरफेयरेंस का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरे चरण में रिमोट सेंसिंग का काम होगा। इसमें जंगल के रास्तों, रोशनी और पानी के लिए वाटर होल की स्थिति का आंकलन किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में कैमरा ट्रैपिंग होगी। इसमें जंगल को कई छोटे-छोटे ब्लॉक में बांट कर कैमरे लगाए जाएंगे।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में दुधवा नेशनल पार्क के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी, कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार, बफर जोन में बाघों का इस्टीमेशन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी रेंजों में भी टाइगर इस्टीमेशन होगा। जंगल के बाहर गन्ने के खेतों में रहने वाले बाघों को भी टाइगर इस्टीमेशन में शामिल किया जा सकता है। टाइगर इस्टीमेशन में काम करने वाली टीमों का प्रशिक्षण अगस्त से ही शुरू हो जाएगा।
टाइगर इस्टीमेशन कार्य में में जुटेंगी यह एजेंसियां
टाइगर इस्टीमेशन में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, भारतीय वन्यजीव संस्थान, दुधवा टाइगर रिजर्व के स्टाफ के अलावा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई समेत कई एनजीओ भी हिस्सा लेंगे।
दुधवा टाइगर इस्टीमेशन-2022 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगस्त में टीमों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू होगा। टाइगर इस्टीमेशन का काम तीन चरणों में किया जाएगा ताकि सटीक परिणाम आ सकें।
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- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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