केंद्र सरकार की दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत जिले के सभी गांवों/मजरों को रोशन किया जाएगा। योजना में विद्युतीकरण के लिए आबादी की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। साथ ही इन गांवों का सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों में लाइन बनाकर बिजली पहुंचाई जा रही है। योजना के द्वितीय चरण में जिले के 3305 गांवों/मजरों के विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें 1700 गांवों में विद्युतीकरण पूरा करने का दावा किया गया है। इसी के तहत जिले के 300 की आबादी वाली बसावटों का भी सर्वे कार्य शुरू किया गया था। इस बीच केंद्र सरकार की दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत आबादी की बाध्यता खत्म कर बिजली पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक इससे बिजली से अतृप्त करीब 1500 गांवों/मजरों को भी जोड़ा जा सकेगा। योजना के अंतर्गत ऐसे गांवों का सर्वे कार्य शुरू भी कर दिया गया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद कार्यदायी संस्था का चयन कर विद्युतीकरण के लिए बजट आवंटित किया जाएगा। अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि अभी जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने, गांवों में बिजली लाइन पहुंचाने और विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद उन्हें उपकेंद्रों से जोड़ने का कार्य चल रहा है।