बांकेगंज में आलू फसल की खोदाई करते किसान। स्त्रोत- स्वयं।
बांकेगंज। सब्जियों का राजा कहे जाने वाला आलू कई दशकों से क्षेत्र के किसानों की आमदनी का प्रमुख जरिया रहा है, लेकिन इस साल यही फसल उनके लिए संकट का कारण बन गई है। थोक बाजार में मंदी के चलते दाम गिर गए हैं, वहीं प्रति बीघा उत्पादन में भी कमी आई है।
क्षेत्रीय किसानों के अनुसार इस बार मौसम की मार से आलू की खेती प्रभावित हुई है। पहले जहां चार बीघा में 200 से अधिक पैकेट आलू निकलते थे, इस बार उत्पादन घटकर करीब 120 पैकेट रह गया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है और कई मध्यम वर्गीय किसान आलू बेचकर कर्ज तक नहीं चुका पा रहे हैं।
किसान सुखदेव सिंह, देवा सिंह चंदेल, विवेक सिंह चंदेल, वीरेंद्र सिंह चंदेल और प्रेम सिंह ने बताया कि बारिश के बाद लगाए गए आलू में 30 से 35 प्रतिशत तक उत्पादन कम हुआ है। बारिश के कारण बोआई देर से हुई और बाद में कोहरे के चलते कंद की बढ़वार भी प्रभावित हो गई।
किसानों के मुताबिक इस बार प्रति बीघा करीब 30 पैकेट आलू ही निकल पाया, जबकि पिछले साल यह उत्पादन लगभग 50 पैकेट प्रति बीघा था। कम दाम और घटती पैदावार ने आलू उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है।