सातवें वेतनमान की संस्तुतियों में सुधार की मांग
सातवें वेतनमान की संस्तुतियों में सुधार की मांग को लेकर ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले जिले भर के डाक कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल रखी। इसके चलते डाक विभाग में काम-काज बुरी तरह प्रभावित रहा।
नेशनल यूनियन आफ पोस्टल इंप्लाइज के मंडलीय मंत्री, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी महासंघ के मंडलीय मंत्री विक्रम वर्मा और ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के मंडलीय मंत्री पीके सिंह ने बताया कि डाक कर्मी सातवें वेतनमान की संस्तुतियों में सुधार को शामिल करते हुए 38 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। अन्य मांगों में किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट एलाउंस, एक जनवरी 2004 से आए कर्मचारियों को पेंशन देने आदि की मांगें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन मांगों के साथ प्रोन्नति के संबंध में गुड से वेरी गुड के बेंच मार्क को हटाने, सभी खाली पदों को भरे जाने और अनुकंपा भर्ती पर पांच फीसदी की सीलिंग को समाप्त करने और ग्रामीण डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारियों जैसी सारी सुविधाएं देने की भी मांग है। इन मांगों पर केंद्र सरकार उदासीन रवैया अपना रहा है। केंद्रीय मंत्रियों के समूह द्वारा सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में निश्चित रूप से सुधार किए जाने का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।
डाक फेडरेशन द्वारा हड़ताल की नोटिस दिए जाने के बाद ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन नेशनल डाक कर्मचारी संघ पोस्टमैन और ग्रुप डी के बैनर तले डाक कर्मियों ने गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल रखी। इस मौके पर पीके सिंह, विक्रम वर्मा, राम गोपाल वर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।