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बच्चों को लेकर पीकू तैयार, बाल रोग विशेषज्ञ की दरकरार

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लखीमपुर खीरी। कोरोना की तीसरी लहर खासकर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार सीएचसी पर पीडियाट्रिक इन्सेंटिव केयर यूनिट (पीकू) तैयार कराए हैं, संक्रमित बच्चों को इन वार्ड में भर्ती कर इलाज मुहैया करा जा सके। हालांकि जिलेे में जिला अस्पताल से लेकर चार सीएचसी पर पीकू वार्ड तो तैयार हैं, लेकिन विभाग को बाल रोग विशेषज्ञों की दरकरार है।
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जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह में 42 संक्रमित मिल चुके हैं, जिसमें तीन बच्चे है। हालांकि इसमें से एक की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक बच्चे की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उधर, दूसरी लहर के दौरान ही तीसरे के आने की और यह बच्चों के लिए खतरनाक होने की आशंका जताई जाने लगी थी। इसको लेकर स्वास्थ्य महकमे ने तैयारियां शुरू कर दी थी। मोतीपुर में बन रहे 200 बेड के अस्पताल सहित जिला एवं महिला अस्पताल एवं सात सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए। मगर, इन सब तैयारियों के बीच जिले में बाल रोग विशेषज्ञ का अभाव है। नियमानुसार हर सीएचसी पर एक बाल रोग विशेषज्ञ होना चाहिए, लेकिन जिले की 15 सीएचसी में सिर्फ तीन पर ही इनकी तैनाती है। हालांकि समय समय पर शासन से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की जाती रही, लेकिन आज तक पूरी नहीं हो सकी।
जिले की स्थिति
ऑक्सीजन प्लांट- 10
कुल सीएचसी- 15
शून्य से 18 साल तक के बच्चे- करीब 13 लाख
बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती
सीएचसी मोहम्मदी- एक
सीएचसी पलिया- एक
सीएचसी गोला- एक
जिला अस्पताल- तीन
महिला अस्पताल- तीन
जिला एवं महिला अस्पताल सहित तीन सीएचसी पर कुल नौ बाल रोग विशेषज्ञ है। सभी सीएचसी पर बच्चों के लिए बेड रिजर्व हैं। कुछ ही दिन में 200 बेड का मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल भी हैंडओवर हो जाएगा। हर आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।
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- डॉ. शैलेंद्र भटनागर सीएमओ
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