- पतियों से दूर रहकर उनकी सलामती के लिए रखा करवा चौथ का व्रत
कई बार रोजी-रोटी की जद्दोजहद के बीच नजदीकी रिश्ते भी बिरह के कारण बन जाते हैं। बांकेगंज ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में कई ऐसी शिक्षिकाएं है जो अपने पति से दूर रहकर यहां शिक्षण कार्य कर रही हैं। ज्यादा दूरी होने के कारण यह शिक्षिकाएं अपने घरों को नहीं जा पाई हैं। सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं ने अपने पति की सलामती के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है।
क्या कहती हैं शिक्षिकाएं ....
पीलीभीत में रहने वाली अमृता पांडे ब्लाक क्षेत्र के मैलानी प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका है। अमृता का कहना है कि करवा चौथ के लिए स्कूलों में महिलाओं के लिए एक दिन का अवकाश होने के कारण वह घर नहीं जा सकी। बावजूद इसके उन्होंने पति से दूर रहते हुए भी उनकी सलामती के लिए निर्जल व्रत धारण कर करवा चौथ व्रत रखने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अन्न-जल ग्रहण करेंगी।
कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षिका रीता मूल रूप से मेरठ की रहने वाली है। रीता का कहना है कि एक दिन का अवकाश होने और यहां से घर की दूरी अधिक होने के कारण वह खुशियों के पर्व करवा चौथ व्रत पर वह घर नहीं पहुंची। बावजूद इसके उन्होंने पति से दूर रहते हुए परदेश में करवा चौथ व्रत रखकर विधि-विधान से पूजन कर ईश्वर से पति दीर्घायु कामना की।
बांकेगंज के उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षिका प्रेरणा यादव मूल रूप से कासगंज की निवासी हैं। प्रेरणा का कहना है करवा व्रत पर पति से दूरी खटक रही है। दूरी अधिक होने और मीटर गेज ट्रेनों का संचालन बंद होने के कारण इस साल वह करवा चौथ व्रत पर घर नहीं जा पा रहीं है। परदेश में होने के बाद वह पति दीर्घायु के लिए विधि-विधान से करवा पूजन के बाद अन्न-जल ग्रहण करेंगी।
कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षिका शकुंतला मूल रूप से बरेली की निवासी है। शकुंतला के पति बरेली के परिषदीय स्कूल में शिक्षक है। शकुंतला का कहना है कि करवा चौथ व्रत पर वह घर नहीं पहुंच पाई है। पति ने उनसे शाम तक आने की बात कही है। शकुंतला का कहना है पति के आने के बाद ही वह पूजा-अर्चना करेंगी। छलनी में उनकी चांद सी सूरत देख सलामती की दुआ के बाद ही अन्न- जल ग्रहण कर करेगी।