केंद्र सरकार की प्रस्तावित नीति को लेकर दवा कारोबारियों में खासा आक्रोश है। इसके विरोध में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने 28 फरवरी को जिलेभर का दवा कारोबार बंद रखने का एलान किया है। संगठन ने तय किया है कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी मेडिकल स्टोर नहीं खुलेंगे। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश भर के दवा कारोबारी 29 फरवरी को लखनऊ में इकट्ठा होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे। दवा कारोबार बंद करने को लेकर व्यापारियों ने बैठक कर रणनीति भी बनाई।
जिलाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि मनमाने तरीके से लाइसेंस फीस बढ़ाने, अवैध ऑनलाइन व्यापार तथा फार्मासिस्ट और लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर प्रस्तावित नीति के संबंध में दवा कारोबार बंद किया जा रहा है। कई बार इमरजेंसी सेवाओं के नाम पर बंदी के बावजूद कुछ मेडिकल स्टोरों को खोल दिया जाता था, लेकिन इस बार सभी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। संगठन सचिव रवि गुप्ता ने कहा कि जो लाइसेंस फीस 600 रुपये थी, उसे बढ़ाकर छह हजार रुपये वार्षिक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 1800 पंजीकृत दवा कारोबारी हैं। लाइसेंस फीस बढ़ाने का इन कारोबारियों पर बुरा असर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से मेडिकल स्टोर बंद होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा कारोबार से बाजार में नकली दवा के धंधे को बढ़ावा मिलेगा। रवि ने 28 फरवरी की बंदी से मरीजों को होने वाली दिक्कतों के लिए खेद जताया और दवा कारोबारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की। इस संबंध में शहर के एक गेस्ट हाउस में हुई बैठक में दवा कारोबारियों ने रणनीति भी बनाई और एकजुटता का आह्वान किया। इस दौरान पूर्व जोन अध्यक्ष प्रकाश चंद सहगल, नगर अध्यक्ष इकबाल हुसैन, नगर महामंत्री अंजलि श्रीवास्तव समेत तमाम लोग मौजूद थे।
पलियाकलां। द वेलफेयर सोसायटी ऑफ मेडिसिन सेलर्स लाइसेंस नवीनीकरण समस्या, मनमानी फीस वृद्धि एवं अवैध आनलाइन दवा व्यापार के विरोध में रविवार को केमिस्ट एंड ड्रग्स्टि एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पलिया परिक्षेत्र में भी दवा की सभी दुकानें बंद रखेगा। यह जानकारी संगठन के अध्यक्ष आरपी पांडे ने दी है।