शहर में निकली रामलीला के पात्रों की सवारी। स्रोत: आयोजक
लखीमपुर खीरी। शहर की ऐतिहासिक 161वीं श्रीरामलीला का आयोजन धूमधाम से शुरू हो गया है। सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट की ओर से आयोजित यह रामलीला इस बार भी मेला मैदान में मंचित की जा रही है।
दूसरे दिन मंगलवार की शाम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और बाल लीलाओं का मनमोहक मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मंच पर भगवान वराह अवतार का मनमोहक रूप देखते ही दर्शक भावविभोर हो उठे। वराह रूप धरे प्रभु ने हिरण्याक्ष का वध कर धरती को पाताल से मुक्त कराया। नृसिंह अवतार का दृश्य आते ही पूरा मैदान जयकारों से गूंज उठा। खंभे से प्रकट होकर नृसिंह भगवान ने हिरणाकश्यप का अंत कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।
कार्यक्रम से पहले सभी पात्रों की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जो शहर की मुख्य सड़कों से होती हुई गुजरी। जगह-जगह श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर कलाकारों का स्वागत किया। पालकी यात्रा के बाद यह जुलूस मेला मैदान पहुंचा, जहां मंचन शुरू हुआ।
बाल लीला मंचन में एक ओर बालक रूप में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के खेल-खिलंदड़ दृश्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गए। इस दौरान मंच से संवाद गूंजे। इसी बीच गायक मंडली ने चौपाई गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप विचारी।। आयोजक व सरवराहकार विपुल सेठ ने बताया कि आने वाले दिनों में भी विभिन्न प्रसंगों का मंचन भक्तों को धर्ममय वातावरण से सराबोर करेगा।
शहर में निकली रामलीला के पात्रों की सवारी। स्रोत: आयोजक