गोला गोकर्णनाथ। कृषि उत्पादन मंडी समिति में एक अक्तूबर से आठ धान क्रय केंद्र खुले हैं। खरीद न होने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने मंडी समिति में धरना शुरू किया तो अधिकारी और केंद्र प्रभारी चेते और धान खरीद शुरू की गई। इसी क्रम में बुधवार को 1025 किवंटल धान की खरीद की गई।
मंडी समिति में अलग-अलग एजेंसियों के धान क्रय केंद्र खुले एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अब भी प्रशासन व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कर पाया है। साइड बंद होने से किसान को धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने में तो दिक्कत हो रही है, वहीं तकनीकी खराबी के चलते सेंटर इंचार्ज टोकन जारी भी नहीं कर पा रहे, वहीं मानक पूर्ण होने पर किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। कुछ किसान ऐसे भी देखे गए जिनकी उपज की नमी का औसत मानक के अनुरूप था फिर भी तकनीकी खराबी के कारण अपना धान नहीं बेच पाए। दूसरी ओर राइस मिलर्स अव्यवस्थाओं और किसानों की मजबूरी का लाभ उठाकर औने पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं।
बुधवार को एफसीआई के सेंटर पर 95 क्विंटल, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड पर 125, एनसीसीएफ पर 265, आरएफसी प्रथम पर 290, द्वितीय पर 180 और सीएमएस पर 70 क्विंटल धान खरीदा गया। केंद्र प्रभारी धर्मराज, बृजेश सिंह, नीलेश, फहीम उल्ला खां आदि ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते किसानों को रजिस्ट्रेशन और सेंटर पर टोकन जारी करने में दिक्कत आ रही है।
धान के सीजन में गेहूं खरीद की होर्डिंग
किसानों की आमदनी दोगुना करने के वादे के साथ सरकारी तंत्र की संजीदगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। किसानों को धान का समर्थन मूल्य दिलाना तो दूर कृषि उत्पादन मंडी समिति के पहले गेट से कुछ कदम आगे बढ़ते ही चेक पोस्ट पर अब भी गेहूं सीजन का भारी-भरकम होर्डिंग लगा हुआ है। धान की सीजन में यह होर्डिंग सरकारी तंत्र की पोल खोल रहा है।
केंद्र प्रभारियों को व्यवस्था दुरुस्त कर सभी केंद्रों पर धान खरीद सुचारू करने का निर्देश दिया गया है। मंडी समिति के सभी केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। किसान सरकारी सेंटरों पर ही समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचें।
-अखिलेश यादव एसडीएम गोला