लखीमपुर खीरी। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देने आए अभ्यर्थियों से रेलवे और रोडवेज प्रशासन की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। खचाखच भरीं ट्रेनों और ठसाठस बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में मारामारी रही। वे धक्का-मुक्की कर किसी तरह खिड़कियों से बस में घुसे। वहीं, कई यात्री भीड़ छंटने का ही इंतजार करते रहे।
रेलवे स्टेशन पर दोपहर करीब डेढ़ बजे आधा घंटे देरी से पहुंची मैलानी-डालीगंज ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ इतनी अधिक थी कि यात्री खिड़कियों से भी अंदर घुसने लगे। परीक्षा देकर लौट रहे युवक-युवतियों की भीड़ से अन्य यात्रियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे स्टेशन पर स्थिति संभालने के लिए जीआरपी को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी, फिर भी भीड़ के कारण कई यात्री ट्रेन पकड़ने में कामयाब नहीं हो सके।
रोडवेज बस स्टेशन पर भी भीड़ देखी गई। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए लगाई गईं 70 अतिरिक्त बसों से कुछ राहत तो मिली, लेकिन उन्हें घर पहुंचने के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ा। एआरएम गीता सिंह ने बताया कि परीक्षा को देखते हुए पहले से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर दी गई थी।
परीक्षा खत्म होने के बाद जाम ने रोकी रफ्तार
लखीमपुर खीरी। पीईटी का पेपर छूटने के बाद शनिवार को लगे जाम ने शहर की रफ्तार रोक दी। सुबह से लेकर देर शाम तक बस स्टेशन रोड, संकटा देवी चौराहा, जीआईसी रोड और आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
परीक्षार्थियों के आने-जाने और सामान्य दिनचर्या के यातायात के चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। बस स्टेशन मार्ग पर बसों और ऑटो के बेतरतीब तरीके से खड़े होने से स्थिति और बिगड़ गई। स्टेशन रोड पर रेलवे फाटक के आसपास भीड़ बढ़ने से घंटों तक वाहन रेंगते रहे।
संकटा देवी चौराहे पर तो दोपहर में करीब आधा घंटा यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जीआईसी मार्ग पर स्कूलों की छुट्टी के समय जाम इतना बढ़ा कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। लोगों का कहना था कि जाम की वजह से उन्हें अपने काम पर देर से पहुंचना पड़ा। मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भी परेशानी हुई। ट्रैफिक पुलिस के कुछ जवान जाम खोलने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन भीड़ और वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि हालात काबू में नहीं आ पाए।
लोगों का कहना है कि रविवार को भी परीक्षा है। ऐसे ही हालात फिर बन सकते हैं। परीक्षा जैसे अवसरों पर यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाए और प्रमुख चौराहों पर यातायात को सुचारू करने के लिए पहले से तैयारी की जाए, ताकि आम लोगों को घंटों जाम में फंसने की परेशानी न झेलनी पड़े।
परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद
परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद