जिला पंचायत अध्यक्ष कुर्सी को लेकर गरमाई सियासत
भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय, प्रदेश नेताओं को लिखा पत्र
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज के त्यागपत्र देने के बाद अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जिले की सियासत तेज हो गई है। अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम चलाने वाले गैर भाजपाई नेताओं के खिलाफ भाजपा में विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। पार्टी के सैकड़ों नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर तथाकथित बाहरी नेताओं को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर अपना विरोध जताया है।
पार्टी के कई पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि यदि सपा और बसपा के नेता को भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने का कुचक्र रचा जा रहा है। यदि ऐसा हुआ तो पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी की सहमति के बिना भाजपा के नाम पर कुचक्र रचने वाले बाहरी नेताओं को दंडित कर अपने नेताओं को उचित स्थान पर बिठाएं इसी में पार्टी का हित सुरक्षित है।
भाजपा के राष्ट्रीय और प्रांतीय नेताओं को भेजे गए पत्र पर जिला महामंत्री विजय कुमार माहेश्वरी, लखीमपुर देहात के अध्यक्ष संजय रायजादा, नगर अध्यक्ष सुनील बाथम, जिला उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद शाक्य, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अनुपम अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, आशू मिश्र, जिला उपाध्यक्ष उमा शंकर शुक्ल, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र मिश्र, जिला महामंत्री कुलभूषण सिंह, जिला उपाध्यक्ष नीरू पुरी, दयाशंकर और अनूप शुक्ल, समेत सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर है।
...तो अविश्वास प्रस्ताव लाने में इसलिए हो रही थी देरी
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारियां प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के कुछ समय बाद से शुरू हो गई थीं लेकिन पर्याप्त संख्या बल नहीं जुट पा रहा था, इसके चलते अविश्वास प्रस्ताव लाने में देरी हो रही थी। बंशीधर राज के इस्तीफा देने तक भी अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम चलाने वाले लोग पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं जुटा पाए। पार्टी और भाजपा के बड़े नेता भी इस मामले में तटस्थ बने रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का निर्णय पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को करना है। पार्टी जो निर्णय लेगी उसी के अनुसार जिला स्तर पर रणनीति बनाई जाएगी।
शरद बाजपेयी, जिलाध्यक्ष भाजपा