फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोमती एक्सप्रेस का संचालन यात्रियों को नहीं दे रहा राहत

विज्ञापन
पलियाः ट्रेन का संचालन देखते स्टेशन अधीक्षक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

रेलवे बोर्ड ने 10 जून से शुरू किया है इस विशेष एक्सप्रेस का संचालन
विज्ञापन

यात्रियों की मांग सुबह के समय अनारक्षित पैसेंजर ट्रेन भी चलाई जाए

लखीमपुर खीरी। लखनऊ-मैलानी रेलखंड पर 41 दिन बाद फिर से कोरोना काल में ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। मगर, इसका समय दैनिक यात्रियों के मनमुताबिक न होने के कारण इसका उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं रेलवे को भी राजस्व की क्षति हो रही है। दैनिक यात्रियों की मांग है कि मैलानी से एक ऐसी अनारक्षित ट्रेन चलाई जाए जो उन्हें सुबह दस बजे तक लखनऊ पहुंचा दे।
पिछले साल कोरोना के कारण बंद हुआ लखनऊ-मैलानी रूट पर ट्रेनों का संचालन अभी शुरू नहीं हो सका है। हालात सामान्य होने पर छह जनवरी को गोमती एक्सप्रेस विशेष ट्रेन शुरू हुई। कोरोना की रफ्तार बढ़ने पर फिर से इसके संचालन पर ब्रेक लग गया। एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या घटने पर रेलवे ने 10 जून से फिर गोमती एक्सप्रेस विशेष आरक्षित ट्रेन का संचालन शुरू करा दिया। ट्रेन का संचालन शुरू होते ही जिले के लोग एवं दैनिक यात्री सुबह के समय पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग करने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दैनिक यात्रियों से लेकर व्यापारियों का कहना है कि सुबह के समय लखनऊ के लिए ट्रेन चलनी चाहिए, क्योंकि रोडवेज बस से लखनऊ जाने में तमाम दिक्कतें होती हैं, जबकि ट्रेन का सफर आरामदायक है। जब बस, मैजिक आदि सब चल रहे हैं तो ट्रेन चलाने में क्या दिक्कत है। ऐसा तो है नहीं कि ट्रेन से कोराना होगा और बस, मैजिक से नहीं। उनका कहना है कि एक ऐसी अनारक्षित ट्रेन चले जो उन्हेें लखनऊ सुबह दस बजे तक पहुंचा दे।

मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर जीआरपी अलर्ट

ट्रेन का संचालन शुरू होते ही मादक पदार्थों की तस्करी होने की आशंका बढ़ गई है। इसको लेकर जीआरपी और आरपीएफ अलर्ट है। शनिवार की सुुबह गोमती एक्सप्रेस ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी एसओ ने सर्च अभियान चलाकर सामान आदि की तलाशी लेकर यात्रियों को सफर के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

अब तो कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी घट गई है। फिर जब बस, मैजिक आदि सब चल रहे हैं तो ट्रेन का संचालन भी शुरू होना चाहिए। हालांकि गोमती एक्सप्रेस चल गई है। मगर लखनऊ जाने के लिए सुबह अनारक्षित पैसेंजर या फिर एक्सप्रेस ट्रेन होनी चाहिए। - नईम खां, पूर्व सभासद, हिदायतनगर

बस का सफर महंगा और कष्टकारी रहता है। कोरोना काल में बस में दो गज की दूरी का पालन भी नहीं हो पाता, जबकि ट्रेन का सफर सस्ता और बेहद सुविधाजनक है। सुबह छह से आठ बजे के बीच एक एक्सप्रेस ट्रेन लखनऊ के लिए चलनी चाहिए। इससे हर वर्ग लाभान्वित होगा। - अमित शाहू, रेडीमेड व्यापारी

लहरपुर में एलडीबी बैंक में तैनाती है। ट्रेन न होने से निजी वाहन से आना-जाना रहता है। जब बसें चल रही हैं तो ट्रेन चलाने में देरी क्यों। रेलवे को सुबह आठ बजे के करीब एक पैसेंजर या फिर एक्सप्रेस ट्रेन चलानी चाहिए, जिससे दैनिक यात्रियों के साथ लखनऊ जाने वालों का आराम रहे। - पवन गिरि, मोहल्ला तीर्थ गोला

सिविल कोर्ट में वकालत करने के लिए रोजाना लखीमपुर जाना होता है। रोडवेज बस चालकों की मनमानी से आए दिन दिक्कत होती है। बस की अपेक्षा ट्रेन का सफर सुरक्षित और आरामदायक है। एक्सप्रेस ट्रेन के साथ अब पैसेंजर ट्रेन का भी संचालन शुरू होना चाहिए, जिससे दैनिक यात्री सुविधाजनक सफर कर सकें। - राजेंद्र कुमार अग्निहोत्री एडवोकेट, कुम्हारन टोला गोला

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें