लखीमपुर खीरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला अस्पताल ने एक और उपलब्धि हासिल की है। अभी तक मरीजों को एक रुपये के पर्चे पर सिटी स्कैन कराने की ही सुविधा मिलती थी लेकिन सोमवार से एक रुपये में डायलिसिस भी हो सकेगी। सोमवार को केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने टीबी अस्पताल परिसर में डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ किया। पहले दिन छह लोगों की डायलिसिस हुई।
केंद्रीय गृहराज्यमंत्री ने सोमवार को पीपीपी मॉडल पर बनकर तैयार हुए डायलिसिस यूनिट का विधि विधान से पूजन कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिले के मरीजों को अब डायलिसिस के लए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी तक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहद गंभीर है। मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं दिलाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि अभी तक मरीज डायलिसिस के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर थे। इसके लिए पैसा और समय दोनों खराब होता था लेकिन अब एक रुपये के पर्चे पर जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमएस डॉ. मदनलाल, एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, डॉ. संतोष मिश्रा, डॉ. वीके वर्मा आदि मौजूद रहे।
एक बार डायलिसिस में खर्च होते थे तीन-चार हजार रुपये- जिले की आबादी 50 लाख के करीब है। जनपदवासियों के लिए जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे एवं सिटी स्कैन की ही सुविधा थी। जबकि डायलिसिस के लिए मरीज निजी अस्पताल से लेकर लखनऊ और बरेली की दौड़ लगाने के लिए मजबूर थे। एक बार की डायलिसिस कराने में तीन से चार हजार रुपये तक खर्च होते थे। जबकि लखनऊ और बरेली जाने में खर्चा और बढ़ जाता था।
करीब 57 लाख की लागत से तैयार हुई यूनिट - सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि मार्च 2019 में इसकी स्वीकृत मिली थी और जनवरी 2022 में भवन हैंडओवर हुआ। इसके निर्माण में करीब 57 लाख 42 हजार की लागत आई है। उन्होंने बताया कि छह बेड की डायलिसिस यूनिट में मशीनें जर्मनी की है। इसमें पांच लोगों का स्टाफ तैनात है।