लखीमपुर खीरी। जिले के सभी ब्लॉकों में अवैध रूप से संचालित 231 प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया है और इनके संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने अवैध स्कूलों के संचालकों को एक सप्ताह का समय देते हुए इन विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का प्रवेश परिषदीय स्कूलों या मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद भी यदि कोई अवैध स्कूल संचालित होता मिलेगा तो उस स्कूल के संचालक से 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। पिछले कुछ साल से ग्रामीण क्षेत्रों में कुकुरमुत्ते की तरह प्राइवेट स्कूलों की बाढ़ सी आ गई थी, इसमें बिना मान्यता के लोग प्राइवेट स्कूलों का संचालन करके अभिभावकों को चूना लगा रहे थे। इनमें हिंदी माध्यम से लेकर अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी शामिल हैं।
बताते हैं कि इन स्कूलों के संचालकों ने मान्यता के लिए आवेदन करके स्कूल का संचालन प्रारंभ कर दिया था, इसमें कुछ स्कूलों को तो कोचिंग सेंटर के तौर पर संचालित किया जा रहा है। स्कूल की मान्यता न होने से इनके संचालक दूसरे स्कूलों से अंकपत्र व टीसी निर्गत कराते हैं।
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जिले में अभियान चलाकर 231 अवैध स्कूलों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि इन विद्यालयों द्वारा अवैध संचालन बंद नहीं किया गया तो पुलिस की सहायता लेकर प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं 10 हजार प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी लगाया जाएगा।
बीएसए ने बताया कि कुंभी ब्लॉक में नौ, रमियाबेहड़ में पांच, मितौली में 21, बिजुआ में 24, ईसानगर में 13, पलिया में 13, बांकेगंज में छह, बेहजम में 10, फूलबेहड़ में 24, लखीमपुर में 25, निघासन में 70, धौरहरा में सात और गोला नगर क्षेत्र में चार अवैध विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कोई भी व्यक्ति अवैध विद्यालयों की सूचना उन्हें व क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी को दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम-पता गोपनीय रखा जाएगा और जांच में अवैध मिले विद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।