लखीमपुर खीरी। सीएम डैशबोर्ड की रैकिंग अकेले विद्युत निगम की लापरवाही से नहीं, बल्कि 11 अन्य विभागों की लापरवाही से भी खराब हुई है। रैंकिंग खराब होने पर विद्युत निगम के दो अधीक्षण अभियंता और छह अधिशासी अभियंताओं का वेतन रोकने सहित अन्य कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिखा है। अन्य विभागीय अफसरों चेतावनी नोटिस पहले ही जारी किया चुका है।
शासनस्तर से हर माह रैंकिंग जारी होती है। लखीमपुर की रैंकिंग मई की अपेक्षा जून में सीधे दो से 28वें नंबर पर पहुंच गई, जिसमें विद्युत निगम की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई। शहरी व ग्रामीण की विद्युत आपूर्ति में डी श्रेणी मिला।
इसके अलावा सूक्ष्म लघु एवं उद्यम और बेसिक शिक्षा के निपुण टेस्ट में डी श्रेणी मिली है। अगर पूरी रैंकिंग की बात की जाए तो इन विभागों के अलावा एनआरएलएम की समूह क्रेडिट लिंकेज, फैमिली आईडी, मध्याह्न भोजन में बच्चों की उपस्थिति में सी ग्रेड जिले को मिली है।
इसके अलावा जलजीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन फेज-दो, पीडब्ल्यूडी के नई सड़क निर्माण, पर्यटन और निर्माण कार्य सीएमआईएस में बी ग्रेड मिली है। लखनऊ मंडल के जिलों की अगर बात की जाए तो सीतापुर मंडल में फिसड्डी है। सीतापुर विकास की रैंकिंग में 72वें स्थान पर है। जबकि रायबरेली 63वें, लखीमपुर 50वें, हरदोई 43वें, उन्नाव 47वें और लखनऊ जिला 26वें नबर पर है।