नगर पालिका परिषद का सांस्कृतिक मंच
नगर के ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर हुए स्थानीय संगीत सम्मेलन में नगर के गायक और संगीत कलाकारों ने सदाबहार गीतों से ऐसी समां बांधा कि दर्शक देर रात तक संगीत की धुनों पर झूमते रहे। सांस्कृतिक मंच पर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर वीरसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुए स्थानीय संगीत सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी दयाल वर्मा ने दीप जलाकर किया। संगीत सम्मेलन की शुरुआत स्थानीय कलाकार राजेश गुप्ता ने ऊं नम: शिवाय और एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा से की। ब्रजेश तिवारी ने ये रेशमी जुल्फें ये शरबती आंखें, बद्रीप्रसाद श्रीवास्तव ने तेरे जैसा यार कहां, आदेश राजपूत ने सावन के झूलों ने, सचिन दीक्षित और अंशिका के युगल गीत तुम याद न आया करो गाकर खूब तालियां बटोरीं। सावन सैनी ने तू भी बेकरार, मैं भी बेकरार, नरेंद्र आजाद ने यारा ओ यारा गीत प्रस्तुत किया। दिलीप शर्मा, श्रीराम आदि ने भी प्रस्तुतियां दीं। अनिल झा और राजेश गुप्ता ने आर्गन, महेश आजाद ने ढोलक, अनिल वर्मा और मुन्ना ने पैड पर गायकों का साथ दिया। मनोज कश्यप का संचालन काफी सराहा गया। मीनाक्षी अग्रवाल ने कार्यक्रम अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि विनीत सिंह भदौरिया, संकटा प्रसाद कश्यप, हाजी कमरुद्दीन, सुरेंद्रपाल शर्मा, सुरेंद्र सक्सेना, रामऔतार गुप्ता, डॉ कय्यूम को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, श्रीकांत तिवारी, पंकज गुप्ता, इमरान मलिक, कफील अहमद, प्रेमा पांडे, रीता त्रिवेदी, आनंदगिरि भोली, आशीष अवस्थी, काशी विश्वनाथ तिवारी, नानकचंद वर्मा, शिव कुमार सोनी, सर्वेश अवस्थ्सी, मयंक दीक्षित, महमूब अली, आनंद प्रकाश शुक्ल, अरविंद पांडे, राजेश वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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चैती मेले में आज
गोला गोकर्णनाथ। नगर के ऐतिहासिक चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर 15 अप्रैल शुक्रवार को स्थानीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा रात आठ बजे से होगा। जिसमें स्थानीय कवि व शायर कविता पाठ करेंगे।