लखीमपुर खीरी। नई सरकार से जिले के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। मिशन 2022 पूरा होने के बाद अब मिशन 2024 के लिए प्रदेश सरकार पूरी ताकत लगाएगी। ऐसे में लोगों का मानना है कि इस बार विकास कार्यों की रफ्तार तेज रहेगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए विकास कार्य पूरे होने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की भी कोशिश होगी।
विधानसभा चुनाव में जिन मुद्दों पर सरकार से नाराजगी देखी गई, उन मुद्दों पर काम करके मतदाताओं की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जा सकता है। जिले में मेडिकल कॉलेज तो बन रहा है लेकिन अभी तक जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ समेत कई रोगों के विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती न होने से जिले को आधी अधूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रही हैं।
उम्मीद जताई जा रही है आने वाली सरकार इस कमी को पूरा करेगी। मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी निर्धारित समयावधि में हो सकेगा। अन्य मेडिकल सुविधाओं पर चल रहा काम से समय से पूरा होगा।
गोला गोकर्णनाथ धाम परिपथ का सपना होगा साकार - गोला गोकर्णनाथ को धार्मिक पर्यटन नगरी बनने का आस लगाए लोगों का यह सपना साकार होने की उम्मीद है। अपनी चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटी काशी को काशी की तरह विकसित करने की बात कही थी। फिलहाल पर्यटन विभाग ने छोटी काशी कॉरिडोर बनाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
उम्मीद है कि 2022 में इस पर काम शुरू हो जाएगा। 2024 तक छोटी काशी परिपथ का निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे गोला गोकर्णनाथ नगर और क्षेत्र के विकास की रफ्तार तेज होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। गोला गोकर्णनाथ का पौराणिक शिव मंदिर मध्य उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की गहन आस्था का केंद्र है। सावन माह में शिवरात्रि के दिन यहां लाखों श्रद्घालु उमड़ते हैं। छोटी काशी परिपथ बनने से श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
इस साल मिलेगी राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात - जिले को इस साल राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल सकती है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण नवंबर 2022 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। देवकली रोड स्थित सैदापुर भाऊ में बन रहे मेडिकल कॉलेज के मेन कैंपस का 30 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल निर्माण शुरू होगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण की कवायद 2020 में शुरू हुई थी। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम ने 2021 में निर्माण शुरू कराया था। मेडिकल कॉलेज निर्माण पर करीब 288 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उम्मीद की जा रही है कि नई सरकार आने के बाद निर्माण कार्य और तेजी से होगा और निर्धारित समयावधि में यह पूरा कर लिया जाएगा।
इंदिरा मनोरंजन वन में फिर लौटेगी रौनक - पिछले दो दशक में वीरान हो चुके जिले के एक मात्र पिकनिक स्पॉट इंदिरा मनोरंजन वन में इस साल रौनक लौट सकती है। पर्यटन विभाग ने इसके लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है। उम्मीद की जा रही है कि नई सरकार के सत्ता संभालते ही इंदिरा मनोरंजन वन के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
जिला मुख्यालय से करीब नौ किलोमीटर दूर निघासन रोड वर्ष 1987 में इंदिरा मनोरंजन वन की स्थापना की गई थी। करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बारहसिंघा, चीतल, पाढ़ा आदि हिरनों के अलावा विभिन्न प्रजातियों के सांपों को भी रखा गया था। इसके अलावा बच्चों के लिए झूले, वोटिंग तालाब आदि बनाए गए थे, जो अब टूट चुके हैं। इनका सौंदर्यीकरण किया जाना है।
थारू शिल्प ग्राम का संचालन जल्द होने की उम्मीद - थारू बहुल चंदन चौकी में नवनिर्मित थारू शिल्प ग्राम का संचालन प्रारंभ करने के लिए भारत सरकार ने पिछले महीने 25 लाख रुपये आवंटित किए हैं। इस धनराशि से थारू शिल्प ग्राम की बाह्य और आंतरिक साज-सज्जा कराई जाएगी और आवश्यक उपकरण खरीदे जाएंगे।
थारू शिल्प ग्राम का संचालन होने से पर्यटकों को ठहरने की सुविधा मिलेगी और थारू हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। दुधवा नेशनल पार्क से सटे चंदन चौकी समेत आसपास के गांवों में रहने वाली थारू जनजाति के हस्तशिल्प व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2017 में थारू हस्तशिल्प ग्राम की चंदनचौकी में स्थापना की आधारशिला रखी गई थी।
एकीकृत जनजाति विकास परियोजना की देखरेख में करीब 1.50 करोड़ की लागत से थारू शिल्प ग्राम का निर्माण कराया गया, जो 2020 में बनकर तैयार हो गया था। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शिल्प ग्राम की बाह्य व आंतरिक साज-सज्जा व जरूरी संसाधन जुटाने के लिए भारत सरकार के जनजाति मंत्रालय से 25 लाख रुपये बजट की डिमांड की थी। शिल्प ग्राम में पर्यटकों के ठहरने के लिए चार थारू हट, 10 दुकानें, एक म्यूजियम, रेस्टोरेंट आदि व्यवस्थाएं की गई हैं। दुधवा पार्क एवं थारू जनजाति क्षेत्र में भ्रमण करने वाले पर्यटकों के लिए थारू शिल्प ग्राम आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
पुरैना में राजकीय जनजातीय पुस्तकालय का मिलेगा तोहफा - थारू जनजाति के बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पलिया क्षेत्र के गांव पुरैना में राजकीय जनजातीय पुस्तकालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।
इसमें सामान्य ज्ञान, आईएएस-पीसीएस की तैयारी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी समेत विभिन्न तरह की पाठ्य सामग्री की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने बताया कि क्रिटिकल गैप मद से इस पुस्तकालय का निर्माण कराया गया है। अप्रैल में पुस्तकालय का उद्घाटन कराकर जनजातीय विद्यार्थियों के लिए इसे खोल दिया जाएगा।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उच्चीकरण का काम शुरू - जनपद में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिहाज से सरकार ने छह ब्लॉक पसगवां, नकहा, कुंभी, बिजुआ, निघासन और बेहजम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद बेहजम को छोड़कर अन्य पांच ब्लॉकों में बिल्डिंग निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है।
अभी तक कक्षा छह से आठ तक संचालन किया जा रहा है, लेकिन एकेडमिक ब्लॉक और हॉस्टल का निर्माण पूरा होने के बाद इनमें कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं भी संचालित होने लगेंगी। इससे बालिकाओं को इंटरमीडियट तक शिक्षा आसानी से मिल सकेगी। बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि पांच ब्लॉक में भवन निर्माण कार्य चल रहा है, जिनके पूरा होने पर उनमें कक्षा छह से 12 तक कक्षाएं संचालित की जाएंगी।