अस्पताल में इलाज कराता हमले मे घायल तिकुनिया कांड का गवाह।
तिकुनिया। कोतवाली क्षेत्र के डांगा में बृहस्पतिवार शाम को तिकुनिया हिंसा के गवाह पर हमले का मामला सामने आया। तिकुनिया कांड में गवाह दिलजोत सिंह ने बताया कि बेलरायां चीनी मिल में गन्ना ले जाते वक्त भाजपा की जीत के बाद सड़क पर जश्न मना रहे लोगों ने उस पर रंग डाल दिया। विरोध करने पर गाली गलौज कर हमलावरों ने उसकी पिटाई कर दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दर्ज रिपोर्ट में कुल्हौरी गांव निवासी किसान दिलजोत सिंह पुत्र जरनैल सिंह ने कहा कि वह तिकुनिया कांड का गवाह है और उसे सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सुरक्षा दी गई है। बृहस्पतिवार की देर शाम 8 बजकर 15 मिनट पर वह बेलरायां चीनी मिल में गन्ना तुलवाने के लिए जा रहा था। रास्ते में डांगा गांव के पास भाजपा की जीत पर जश्न मना रहे लोग सड़क पर थे। सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल मनोज साथ में था। ट्रॉली के पास लोगों के इकट्ठा होने पर गनमैन ने लोगों ट्रॉली से नीचे उतरकर लोगों को समझाना शुरू किया।
दिलजोत ने बताया कि उसने भी जश्न मना रहे लोगों से हटने को कहा, जिस पर जश्न मना रहे लोगों से उसकी कहासुनी हुई। इस दौरान गनमैन उनसे दूर हो गया। तभी भीड़ ने उस पर रंग डाल दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने बेल्ट निकालकर उसे पीटना शुरू कर दिया और कपड़े फाड़ दिए। उन्होंने बताया कि बेल्ट का कुंडा लगने से उसका सिर फट गया। दिलजोत की सूचना पर पहुंची और उनका मेडिकल कराया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अशोक पुत्र बाबूराम, रामू पुत्र चंद्रिका, मुन्नालाल पुत्र रामगुलाम, अनिल त्रिवेदी पुत्र रामप्रसाद, पवन पुत्र अमर सिंह और 5-6 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दिलजोत ने दर्ज रिपोर्ट में यह भी लिखवाया कि जमानत पर छूटे आशीष मिश्र मोनू अब बाहर आ गए हैं। भाजपा सत्ता में आई है। अब गवाहों को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने गवाहों को जान से मारने की धमकी भी दी। उधर, राष्ट्रीय किसान संगठन के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गुरमीत सिंह रंधावा ने मारपीट की घटना की निंदा की है।