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युवाओं की सोच में आज भी जिंदा हैं नेताजी सुभाषचंद्र बोस

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लखीमपुर खीरी। आजादी के दौरान देश के तमाम क्रांतिकारियों ने अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर युवाओं ने उनके व्यक्तित्व को जितना रहस्यमय बताया उतना ही प्रेरणा देने वाला व अनुप्राणित करने वाला बताया। युवाओं ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के चंगुल से देश को आजाद कराने के लिए नेताजी के त्याग और बलिदान की वजह से वह युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए।
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रविवार यानी 23 जनवरी को नेताजी सुुुभाष चंद्र बोस की जयंती है। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह का आगाज इसी दिन से करने का एलान किया है। इससे देशवासी और युवा बेहद खुश है। इनका कहना है कि नेताजी की कार्य प्रणाली और देश की आजादी के लिए किए गए कार्य ही उन्हें आज भी हम सब के अहसासों में जिंदा किए हैं और जीवन पर्यंत जीवित रखेंगे। सरकार को नेताजी के त्याग और बलिदान के लिए उन्हें एतिहासिक सम्मान देना चाहिए, जिसके वह हकदार हैं।
देश को आजादी दिलाने में नेताजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजाद कराने के लिए उन्होंने अपना जीवन तक न्यौछावर कर दिया। नेताजी की जयंती के दिन से गणतंत्र दिवस समारोह मनाने का निर्णय लिया जाना उचित है।
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- नेहा सिंह, छात्रा वाईडी कॉलेज
सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनके देश के प्रति किए गए बलिदान को देश कभी भी भुला नहीं पाएगा। देश वासियों में आजादी के प्रति देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए उन्होंने जय हिंद का नारा दिया। जो राष्ट्रीय नारा बना।
- प्रतिभा सिंह, छात्रा वाईडी कॉलेज
नेताजी आजादी के महानायक थे। हम सब को उनके संघर्षों से प्रेरणा लेेकर देश व समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेताजी की जयंती पर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन हो रहा है।
- कुलदीप वर्मा, स्वरूपनगर
देश को आजादी दिलाने में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का अहम योगदान रहा। उन्होंने इंडियन सिविल सर्विसेज की नौकरी छोड़कर देश की आजादी के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया। उनका यह बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
- ब्रजेश कुमार, बसंतपुर
गणतंत्र दिवस समारोह का आगाज नेताजी की जयंती से करने का निर्णय सही। देश को आजाद कराने में उन्होंने जो भूमिका निभाई थी उसे देशवासी कभी भुला नहीं पाएंगे। आजादी के महानायक की जयंती धूमधाम से मनाई जानी चाहिए।
- मोहम्मद गुलफाम, एनएसएस वालंटियर वाईडी कॉलेज
युवाओं को नेताजी के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। आजादी दिलाने के लिए उन्होंने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा दिया था। युवाओं को इससे प्रेरणा लेकर जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए।
- पंकज तपाड़िया, बहादुरनगर
नेताजी ने तमाम विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए आजादी के लिए अपना जीवन तक समर्पित कर दिया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। आजादी के महानायक की जयंती भव्य रूप से मनाई जानी चाहिए, जिससे देश का युवा उनके बलिदान के बारे में जान सके।
- संदीप कुमार, अचाकापुर
नेताजी विपत्तियों को भी अवसर में बदलने में माहिर थे। उनका नाम जुबान पर आते ही देशप्रेम का जज्बा गहरा हो जाता है। उन्होंने विषम परिस्थितियों होने के बावजूद कभी हार नहीं मानी। नेताओं को उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाना चाहिए।
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- अब्दुल मुनीश खान, महेवागंज
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